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साल 2021-22 की बताई जा रही हैं, BSA खुद जांच को पहुंचे

कौशांबी: कौशांबी में मंझनपुर बीआरसी के अगियौना कम्पोजिट स्कूल की पाठ्य पुस्तक रद्दी के भाव रविवार को बेच दी गई। वहीं ग्राम प्रधान को इसकी भनक तक नहीं लगी। किताबों को जलता देख गांव में हंगामा खड़ा हो गया। पिछले सत्र की पाठय पुस्तकें कबाड़ी के घर मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया। जानकारी मिलने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह खुद जांच के लिए गांव पहुंचे। बीएसए ने मामले की विस्तृत जांच एबीएसए मंझनपुर को सौंपी है।रसोइया ने कबाड़ी को दी होगी किताबेंबेसिक रिसोर्सेज सेंटर मंझनपुर के कम्पोजिट विद्यालय अगियौना में मौजूदा समय में 438 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। जिनमें 250 बच्चे नियमित पढ़ाई के लिए आते हैं। प्राइमरी सेक्शन की प्रिंसिपल प्रेमलता सिंह ने बताया, स्कूल में पिछले सत्र 2021-22 की किताबें जो बच्चों से वापस कराई गई थी वह रखी थी। जिसे रसोइया ने कबाड़ी को दी होगी। रविवार का दिन होने के चलते वह स्कूल में नहीं है। मौजूदा सत्र की कोई भी पाठ्य पुस्तक नहीं बेची गई है।पूरा साल रखी रही स्कूल में किताबेंग्राम प्रधान संदीप कुमार चौधरी ने बताया, उन्हें सुबह ग्रामीण बच्चों ने सरकारी स्कूल की किताब कबाड़ी के घर में होने की बात बताई। मौके पर देखने और जानकारी किए जाने पर पता चला कि पाठ्य पुस्तक गांव के स्कूल की है। पिछले सत्र में बच्चो को न बांट कर अध्यापकों ने उसे रख कर पूरा सत्र बिता दिया। जिसे अब कबाड़ी के हाथ बेच दिया गया है। कबाड़ी ने किताबों को रसोइए से 10 रुपए प्रति किलो के हिसाब से 150 रुपए में खरीद लिया है।प्रिंसिपल का पक्ष जानने के बाद होगी कार्रवाईसरकारी पाठ्य पुस्तक के बेचे जाने के मामले की जानकारी होने पर रविवार को बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में प्रकरण की जांच करने खुद बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश सिंह अगियौना गांव पहुंचे। यहां बीएसए ने ग्राम प्रधान और कबाड़ी वाले का बयान लेकर पाठ्य पुस्तकों को अपने कब्जे में लिया। बीएसए प्रकाश सिंह के मुताबिक मामले में प्रधानाध्यापिका अगियौना को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। रसोइया और प्रिंसिपल के पक्ष जानने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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