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छत्‍तीसगढ़ : सांसद को पुलिस ने घोषित किया भगोड़ा, राजनांदगांव कलेक्टर के साथ बैठक में रहे शामिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के मामले में पुलिस ने राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय और पूर्व सांसद अभिषेक सिंह को भगोड़ा घोषित किया है। पुलिस ने कोर्ट में हलफनामा दिया है और तहसीलदार से सांसद की जमीन की जानकारी मांगी है।
बावजूद इसके सांसद संतोष पांडेय ने रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थिति स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभाष चंद बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यही नहीं, कलेक्टर के साथ दिशा कमेटी की बैठक में भी शामिल हुए। अब पुलिस की कार्रवाई को बदलापुर की राजनीति कहा जा रहा है। भाजपा ने इंटरनेट मीडिया पर कैंपेन भी चलाया है।
सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि सरकार बदलापुर की राजनीति कर रही है। पुलिस ने पहले गलत तरीके से एफआइआर दर्ज की। अब हमें भगोड़ा घोषित किया जा रहा है। पांडेय ने कहा कि अगर वह भगोड़ा होते तो कलेक्टर और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ दिशा कमेटी की बैठक में कैसे शामिल होते।
कवर्धा में सुभाष चंद बोस की प्रतिमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने है। वहां माल्यार्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुआ। पांडेय ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।
पांडेय ने कहा कि राजनांदगांव सांसद होने के नाते रोजाना क्षेत्र में दौरा होता है। मेरे दौरे की जानकारी पुलिस, प्रशासन और मीडिया को रहती है। मुझे आज तक न तो पुलिस ने गिरफ्तार करने का प्रयास किया, न ही मैं फरार रहा। इसके बावजूद पुलिस ने मुझे फरार घोषित करके मेरी चल-अचल संपत्ति की जानकारी एकत्र करने का काम शुरू किया है। यह एक षड़यंत्र है।

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