पंचतत्व में विलीन हुए कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट
कश्मीर संभाग के शोपियां में आतंकी गोली का शिकार हुए कश्मीर पंडित पूरण कृष्ण भट्ट का अंतिम संस्कार आज जम्मू के बनतालाब में किया गया। उन्हें उनके बड़े भाई के बेटे शुभम ने मुखागनि दी। वह शहर जम्मू के मुट्ठी स्थित घर में अपनी पत्नी और दो बच्चे संग रहते थे। तीन दिन पहले ही वह जम्मू से शोपियां अपने सेब के बगीचे की देखरेख के लिए गए थे। शनिवार देर रात पूरण कृष्ण का शव मुट्ठी पहुंचा।
पूरण भट के रिश्तेदारों ने बताया कि वह शोपियां में ही रहते थे। 2020 में कोविड फैलने के बाद पत्नी और बच्चों के साथ जम्मू आया था। इसके बाद शोपियां आना-जाना लगा रहता था। उनकी अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जम्मू संभाग के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार, एडीजीपी मुकेश सिंह, डीआईजी विवेक गुप्ता, जम्मू उपायुक्त अवनि लवासा, एसएसपी जम्मू भी मौजूद रहे।
जम्मू के बनतालाब में कश्मीर पंडित पूरण कृष्ण भट्ट के अंतिम संस्कार के दौरान लोगों ने पाकिस्तान और आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे लगाए। साथ ही लोगों ने ‘जिस कश्मीर को खून से सींचा, वो कश्मीर हमारा है’ का भी नारा दिया। अंतिम संस्कार में शामिल लोगों ने कहा कि घाटी में रह रहे लोगों को पूरी सुरक्षा दी जानी चाहिए। साथ ही पूरण भट्ट के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कश्मीर पंडित और डोगरा कर्मचारी घाटी से बाहर तैनाती की मांग कर रहे हैं, सरकार को उनकी मांग को पूरा करना चाहिए। लोगों ने डिव कॉम जम्मू रमेश कुमार से मांग करते हुए कहा कि वह सात दिन के भीतर पूरण भट्ट की पत्नी को सरकारी नौकरी दें और साथ उनके परिवार को पचास लाख रुपये दिए जाने चाहिए।
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