भारत माता सीनियर सेकेंडरी में अटल इनोवेशन मिशन की जानकारी दी, 3D प्रिंटिंग समझाई
रायपुर: अंश ने बताया क्या है 3D प्रिंटिंग।राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान(NIT) रायपुर की टीम ई सेल ने अटल इनोवेशन स्कीम के तहत भारत माता सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विजिट की | इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों में नए इनोवेशन के प्रति जानकारी प्रदान करना है। ‘भारत में एक मिलियन बच्चों को नियोटेरिक इनोवेटर्स के रूप में विकसित करने’ की दृष्टि के साथ, अटल इनोवेशन मिशन पूरे भारत के स्कूलों में अटल टिंकरिंग लेबोरेटरीज (एटीएल) स्थापित कर रहा है। इस आयोजन में NIT के छात्र अंश श्रीवास्तव ने 3D प्रिंटिंग के विषय में विस्तृत जानकारी दी। इसे छात्रों ने बेहद पसंद किया।इस योजना का उद्देश्य युवाओं में जिज्ञासा, रचनात्मकता और कल्पना को बढ़ावा देना है और डिजाइन मानसिकता, कम्प्यूटेशनल सोच, अनुकूली शिक्षा, भौतिक कंप्यूटिंग आदि जैसे कौशल विकसित करना है। स्कूल मे एक विज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें छात्रों को संबोधित करते हुए टीम ई सेल ने आधुनिक टेक्नोलॉजी के बारे मे अहम जानकारी दी | यह कार्यक्रम एनआईटी रायपुर के करियर डेवलपमेंट सेंटर के प्रमुख डॉ.समीर वाजपेयी और ई सेल के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. चंद्रकांत ठाकुर के मार्गदर्शन में हुआ।उन्होंने बताया अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम) हमारे देश में इनोवेशन और स्टार्टअप की संस्कृति को बनाने और बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की प्रमुख पहल है। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत समारोह से हुई और विद्यार्थियों को ई सेल के बारे मे परिचय कराया गया | स्कू्ल की प्राचार्या एस. आर. अरुणा गोपू ने टीम का स्वागत कर छात्रों को सीखने के लिए प्रोत्साहित किया गया|टीम ‘ई सेल’ के हरकिशन सिंह ने छात्रों के समक्ष पायथन प्रोग्रामिंग के बारे मे बताया कि यह आधुनिक जीवन मे कितना महत्वाकांक्षी है | विषय की शुरुआत पायथन क्या है, इसके उपयोग, कार्यप्रणाली आदि के बारे मे अवगत कराते हुए प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की बारीकियों को छात्रों ने जाना | उसके बाद अंश श्रीवास्तव ने छात्रों को 3-D प्रिटिंग टेक्नोलॉजी के बारे में विस्तार से बताया कि 3-D प्रिटिंग क्या है, इसकी कार्यप्रणाली एवं हमारे दैनिक जीवन में इसका उपयोग क्या है | युवा मन में कुछ नया सोचने की क्षमता को बढावा देने के उद्देश्य से टीम ई सेल ने तरह-तरह की मशीनों से छात्रों को रूबरू कराया |
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