Logo
ब्रेकिंग
चीकू की खेती से होगी 5 लाख रुपये तक की कमाई केजरीवाल ने कांग्रेस को हराने के लिए शराब घोटाला किया : अजय माकन बीएमसी बजट 2023-24 - मुंबई के इन पांच जगहो पर लगेंगे एयर प्यूरीफायर ! उद्योग में तकनीकी उन्नयन के लिए एनर्जी बॉन्ड जारी करने पर विचार कर रहा पाकिस्तान मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत ने महामाया राजकीय महाविद्यालय भिट्टी में ’’वार्षिक क्रीडा प्रतियोगिता’’ का क... भोपाल-इंदौर में लोकसभा चुनाव से पहले दौड़ेगी भोपाल मेट्रो  छावला गैंगरेप मामले में बरी हुआ शख्स और उसका दोस्त हत्या के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति को जमीन पर गिराकर मारने का VIDEO....दो दिन पूर्व का बताया जा रहा, शराब के नशे में था पीड़ित जल्द शुरू होने वाला है दीघा रेलवे स्टेशन, सेंट्रल रेलवे ने पूरी की तैयारी हिंदुओं के हाथ से अगरबत्ती छुड़ाकर मोमबत्ती थमाने के चल रहे प्रयास

ऐमरा (ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन की आपात बैठक देश भर के मोबाइल रिटेलर्स मोबाइल कंपनियों की गलत व्यापार नीतियों के कारण नुकसान नही सहेंगे खुदरा विक्रेता डिस्ट्रीब्यूटर को ऑनलाइन और ऑफलाइनकी अलग-अलग कीमतों पर डेबिट नोट जारी करेंगे

देश भर के मोबाइल रिटेलर्स की संस्था ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स (ऐमरा) ई-कॉमर्स कंपनियों और मोबाइल कंपनियों की गलत व्यापार नीतियों के खिलाफ आक्रामक हो गए हैं।मोबाइल कंपनियां और ई-कॉमर्स कंपनियां जानबूझ कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कम कीमत पर मोबाइल उपलब्ध कराकर खुदरा विक्रेताओं को तबाह करने का काम कर रही हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को भी इसी तरह की सेल का आयोजन किया जा सकता है। देश भर के खुदरा विक्रेता इसका विरोध करेंगे और खुदरा विक्रेता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के कीमत पर मोबाइल बेचेंगे और डेबिट नोटों के माध्यम से मोबाइल डिस्ट्रीब्यूटरों से अपने नुकसान की भरपाई करेंगे। इस बारे में ज्यादा जानकारी देते हुए ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन के बिहार अध्यक्ष शान्ति स्वरूप और बिहार उपाध्यक्ष नवनीत केडिया ने ऐमरा एसोसिएशन की बिहार समूह के साथ एक आपात बैठक की जिसमें उन्होंने पूरे बिहार के सभी मोबाइल रिटेलर्स से एकजुट होकर कंपनियों को सबक सिखाने और अपने खुद के व्यवसाय को बचाने के लिए ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन के फैसले का समर्थन करने की अपील की है।
इस संबंध में जारी एक बयान में कहा गया है कि पिछले छह-सात सालों से मोबाइल कंपनियां ऑनलाइन पोर्टल से मिलकर अनुचित कारोबारी नीतियां अपना रही हैं। खुदरा विक्रेताओं को मोबाइल हैंडसेट मॉडल का पर्याप्त स्टॉक नहीं दिया जाता है। वहीं ई-कॉमर्स कंपनियों को ढेर सारे स्टॉक दिए जाते हैं। एक ही मॉडल की दरें, ऑफर, योजनाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन अलग-अलग हैं। नतीजतन, पारंपरिक भारतीय खुदरा विक्रेताओं का अस्तित्व विलुप्त होने के कगार पर है। इसके लिए ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन ने आक्रामक रुख अख्तियार किया है। एक समान व्यापार नीति के लिए लगातार संघर्ष चल रहा है। इसके लिए देश भर के रिटेलर अब ब्रांड वितरकों को अलग-अलग डेबिट नोट जारी कर समानता बनाए रख सकेंगे। इस संबंध में कंपनी के सभी अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर ई-कॉमर्स पोर्टल कई ऑफर्स लाने की तैयारी में है। गणतंत्र दिवस से पहले ई-कॉमर्स पोर्टल ऑफर्स शुरू कर खुदरा विक्रेता कारोबार को और नुकसान पहुंचाने की तैयारी में हैं। कोविड महामारी के पतन ने पहले ही अर्थव्यवस्था और बार-बार प्रतिबंधों के कारण खुदरा विक्रेताओं को परेशानी का कारण बना दिया है। इसमें कंपनियों के स्टॉक की आपूर्ति कम है। खासकर 10,000 रुपये से कम के हैंडसेट की सप्लाई बहुत कम है।
कंपनी द्वारा ईकॉमर्स पोर्टल्स को काफी स्टॉक दिया जाता है। ई-कॉमर्स कंपनियां खुदरा विक्रेताओं के खरीद मूल्य की तुलना में काफी कम कीमत पर बेचती हैं।नतीजतन रिटेलर का व्यवसाय मुश्किल में होता जा रहा है,और कंपनियां चुप्पी साध लेती है। जिसके कारण कई खुदरा विक्रेताओं ने अपने व्यवसाय बंद कर दिए हैं और कई इसकी तैयारी कर रहे हैं। इसलिए अब मोबाइल विक्रेता अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने जा रहे हैं। खुदरा विक्रेता अपने व्यवसाय को बचाने के लिए विरोध करेंगे और तदनुसार कार्य करेंगे और निर्णायक निर्णय लेंगे। खुदरा विक्रेता डिस्ट्रीब्यूटरों को ऑनलाइन और ऑफलाइन की अलग-अलग कीमतों पर डेबिट नोट जारी करेंगे। ऐमरा यूनियन के सदस्य जल्द ही विरोध दर्ज कराने और पत्र सौंपने के लिए वितरक के कार्यालय जाएंगे। सभी ब्रांडों से अपेक्षा की जाती है कि वे दोनों प्रकार के विक्रेताओं के साथ समान रूप से संतुलित व्यवहार करें।आज की बैठक में नितिन कृष्णन,कमलेश कुमार सिंह,अनिल कुमार बाजोरिया,मयंक मिंकू,अजय चंद्र चौधरी,मो०दिलशाद,गिरेन्द्र कुमार,संदीप कुमार,दीपक कुमार,संतोष कुमार,सुशांत कुमार,हरेराम सिंह,मो०आसिफ खान,सुमन कुमार और ऐमरा पटना के अध्यक्ष प्रवीण आनंद ने भी मोबाइल कंपनियों के खिलाफ अब मोर्चा खोल दिया है

Leave A Reply

Your email address will not be published.