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मेरठ में  750 मीटर लंबी सुरंग की बोरिंग पूरी; कर्मचारियों ने तिरंगा फहराकर मनाया जश्न

मेरठ: मेरठ बेगमपुल पर रेपिड रेल के लिए पहली सुरंग की खुदाई पूरी, इस सुरंग से होकर गुजरेगी रेपिड रेलदिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ RRTS कॉरिडोर की पहली सुरंग का मेरठ में ब्रेकथ्रू किया गया। धनतेरस के शुभ अवसर पर NCRTC के MD विनय कुमार सिंह ने रिमोट का बटन दबाकर इस 750 किमी लंबी सुरंग का ब्रेकथ्रू किया। रैपिड रेल के संचालन के लिए 750 किमी लंबी सुरंग की खुदाई पूरी हो चुकी है।इस अवसर पर RRTS कर्मचारियों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम का नारा लगाकर जश्न मनाया। आपको बता दें कि दिल्ली से मेरठ के बीच 2025 तक रेपिड रेल का संचालन शुरू हो जाएगा। यह देश की पहली रैपिड रेल है।4 महीने में हुई 750 मीटर सुरंग खुदाईआरआरटीएस के कर्मचारी सुरंग ब्रेकथ्रू के अवसर पर जश्न मनाते हुए।इस सुरंग की खुदाई में पूरे 4 महीने का समय लगा है। सुदर्शन 8.3 (टनल बोरिंग मशीन) को गांधी पार्क में निर्मित लॉन्चिंग शाफ्ट से लॉन्च किया गया था और अब इसे बेगमपुल आरआरटीएस स्टेशन से रीट्रीव किया जाएगा। रैपिड कॉरिडोर के लिए बन रही 3 सुरंगों में यह पहली सुरंग का फर्स्ट ड्राइव है। दो अन्य सुरंगें 8.1 और 8.2, भैसाली से फुटबॉल चौक तक 1.8 किमी लंबी समानांतर तैयार हो रही हैं।6.5 मीटर चौडी सुरंग से गुजरेगी रैपिडकर्मचारियों ने यहां तिरंगा फहराया और भारत माता के नारे लगाए।इस 750 मीटर लंबी सुरंग में 3500 से अधिक प्री-कास्ट सेगमेंट का उपयोग किया गया है। टनलिंग प्रक्रिया में, इन सेगमेंट को बोर की गई टनल में इंसर्ट किया जाता है और सात खंडों को जोड़कर एक रिंग का निर्माण किया जाता है। प्रत्येक सेगमेंट 1.5 मीटर लंबा और 275 मिमी.मोटा होता है। इन सेगमेंट और रिंग को बोल्ट की मदद से जोड़ा जाता है। सुरंग का व्यास 6.5 मीटर है। मेट्रो सिस्टम की तुलना में, देश में पहली बार इतनी बड़ी आकार की टनल का निर्माण किया जा रहा है।एक कॉरिडोर में दौड़ेगी मेट्रो, रैपिड रेलसुरंग के ब्रेकथ्रू के दौरान की तस्वीरें।मेरठ सेंट्रल, भैसाली और बेगमपुल मेरठ में अंडरग्राउंड स्टेशन हैं। मेरठ सेंट्रल और भैसाली मेरठ मेट्रो स्टेशन हैं जबकि बेगमपुल स्टेशन आरआरटीएस और मेट्रो दोनों मिलेंगी। एनसीआरटीसी मेरठ में आरआरटीएस नेटवर्क मेरठ मेट्रो प्रदान करने जा रहा है, जिसमें 21 किमी. की दूरी में 13 स्टेशन होंगे।

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