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पढ़ने आने वाले नौनिहालों को झेलनी पड़ रही भारी समस्या, जिम्मेदार मूकदर्शक

खेरागढ़: ताज नगरी आगरा की खेरागढ़ तहसील के ब्लॉक जगनेर क्षेत्र के गांव में शिक्षा के मंदिर के लिए रास्ता नहीं है। शिक्षा के मंदिर तक नौनिहाल और शिक्षकों को पहुंचने के लिए दिन प्रतिदिन परेशानी झेलनी पड़ती है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों, अध्यापकों और वर्तमान ग्राम पंचायत ने ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक की है। लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकला है।मामला खेरागढ़ तहसील के प्राथमिक विद्यालय हसनपुरा का है। विद्यालय में नौनिहालों के लिए आने जाने के लिए रास्ता नहीं है, जिससे उन्हें खेत की मेड़ों से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश के दिनों और खेतों की बुवाई के समय स्थित और भयावह हो जाती है। बच्चों को गिरने का डर सताता रहता है, कि कहीं पैर फिसलने से गिर गए तो चोट लग सकती है।46 बच्चों के नाम स्कूल में हैं दर्जवहीं बारिश के समय में बच्चों के कपड़े भी गंदे हो जाते है। वर्तमान में विद्यालय में पढ़ने वाले 46 बच्चों के नाम दर्ज हैं। जिन्हें पढ़ाने के लिए तीन अध्यापक और दो शिक्षामित्रों की नियुक्ति है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रमाकांत शर्मा ने बताया है कि वे बीते करीब नौ साल से इसी विद्यालय में बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी निभा रहे है। उन्होंने खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी आदि से कई बार बच्चों की समस्या के निराकरण के लिए पत्र भेजकर बताया है लेकिन कोई हल नहीं निकला।शिकायत के बावजूद किया जा रहा अनसुनावहीं वर्तमान ग्राम रामवीर, ग्रामीण गोपीराम, दिगम्बर आदि ने बताया कि उन्होंने कई बार बच्चों की समस्या के हल करने की गुहार लगाई है। लेकिन सभी ने इसे अनसुना कर दिया। खेतों के मालिक, निकलने पर बच्चों और अध्यापकों से कर रहे गाली गलौज अध्यापकों का कहना है कि विद्यालय के लिए आने जाने के दौरान खेतों के मालिक उनसे और बच्चों से गाली गलौज तक कर देते है। बच्चों के खेल के मैदान से लेकर रास्ते तक को उन्होंने जोत लिया है।खंड शिक्षा अधिकारी ने दी जानकारीखंड शिक्षा अधिकारी जगनेर अमित सिंह ने बताया है कि उन्होंने अभी दो दिन पूर्व ही ज्वाइन किया गया। उन्हें अभी इस मामले पर जानकारी नहीं है, अगर ऐसा है तो समस्या हल करवाने के लिए उच्चाधिकारियों को बताया जाएगा।

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