लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय बोले-हमारा दुश्मन बहुत ही चालाक और धूर्त, युद्ध विराम के बावजूद सतर्कता भरपूर

श्रीनगर। सेना की चिनार कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय ने मंगलवार को कहा कि उत्तरी कश्मीर में एलओसी पर बीते एक साल युद्ध विराम जारी है लेकिन हमने अपनी सतर्कता का स्तर बिल्कुल नहीं घटाया है। हम पूरी तरह सजग हैं क्योंकि हमारा दुश्मन बहुत ही चालाक व धूर्त है। उन्होंने कहा कि हम युद्ध विराम को जारी रखना चाहते हैं ताकि एलओसी के दोनों तरफ बसी आम जनता एक सुरक्षित और शांत वातावरण में जिंदगी गुजार सके। उन्होंने इस अवसर पर आतंकी बने स्थानीय युवाओं से मुख्यधारा में लौटने की अपील भी दोहराई।

आज यहां एक समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में कोर कमांडर ने कहा कि पाकिस्तान की मजबूरी थी जो उसने बीते साल फरवरी में युद्ध विराम की पुनर्बहाली पर अमल का एलान किया और गोलाबारी बंद कर दी। इसके पीछे उसका मकसद क्या था और वह आगे क्या चाहता है, यह आने वाला समय बताएगा। इसे जानने के लिए हम हालात पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय ने कहा कि आतंकी हिंसा में कमी आ रही है और मेरा कश्मीरी नौजवानों से आग्रह है कि वे हिंसा के मार्ग पर चलने के बजाय उन तत्वों से लड़ें जो उन्हें अपने समाज और राष्ट्र के खिलाफ बंदूक उठाने के लिए उकसाते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर की जनता को उन तत्वों से पूरी तरह सावधान रहना होगा जो खुद विदेश में रहकर एक अच्छी जिंदगी जी रहे हैं और घाटी में नाैजवानों का भविष्य तबाह करने के लिए उनके भीतर धर्मांध जिहादी मानसिकता को पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसे दुश्मन से निपट रहे हैं,जो सिर्फ अपना स्वार्थ देखता है। इसलिए पाकिस्तान ने युद्ध विराम बहाल की है। मैं इस एलओसी के इस तरफ अपने जम्मू कश्मीर के लोगों के लिहाज से ही नहीं एलओसी के पार बसे गुलाम कश्मीर के नागरिकों काभी सोचता हूं,युद्ध विराम से दोनों का फायदा हुआ है। युद्ध विराम जारी है,लेकिन हम पूरी सतर्कता बरत रहे हैं।

पाकिस्तानी सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आज भी घुसपैठियों को इस तरफ धकेलने की साजिश में लगी हुई है। गणतंत्र दिवस के संदर्भ में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हालात पूरी तरह शांत व नियंत्रण में है। लोगों में अब आतंकियों का डर नहीं है और वह खुलेआम तिंरगा लेकर निकलते हैं। इस बार यहां गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगे की मांग बढ़ गई है। यह एक सकारात्मक बदलाव है। यहां कश्मीर के लोगों को उन तत्वों से सावधान रहना होगा जो यहां हमेशा हालात बिगाड़ने की फिराक में रहते हैं और स्थानीय युवाओं को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए उकसाते रहते हैं।बंदूक उठाने वाले स्थानीय यु़वाओं से मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अब समय बदल चुका है, लोग भी समझदार हो रहे हैं।

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