यूएस सहित कोरिया में है कोचिंग इंस्टीट्यूट, बोले-बाहर रहने वाले अपनी परंपराओं को न भूलें
एटा: छात्रों को ताइक्वांडो का पाठ पढ़ाते अभय सिंह राठौर।अमेरिका निवासी ताइक्वांडो ग्रैंड मास्टर ने एटा में मनाई दिवालीयूएस सहित कोरिया में है कोचिंग इंस्टीट्यूट, बोले-बाहर रहने वाले अपनी परंपराओं को न भूलेंपूरे देश की तरह एटा में भी दीपावली धूमधाम से मनाई गई। वहीं एटा के बढ़ापुर गांव के लोगों की दीपावली कुछ खास हो गई। दरअसल, बढ़ापुर गांव निवासी अभय सिंह राठौर सालों बाद अपने गांव लौटे थे। अमेरिका निवासी अभय ताइक्वांडो के ग्रैंड मास्टर हैं। उन्होंने गांव वालों के साथ मिलकर दीपावली मनाई साथ ही गांव के बच्चों को ताइक्वांडो के गुर सिखाए।अभय सिंह राठौर काफी पहले एटा से अमेरिका परिवार सहित चले गए थे। जहां उन्होंने ताइक्वांडो में अपना नाम कमाया। इसके बाद उन्होंने अमेरिका और कोरिया में अपने कई कोचिंग इंस्टीट्यूट खोले। जिसके बाद कई सालों बाद वह दीपावली से पहले अपने गांव लौटे थे।दीपावली की पूजा करते अभय सिंह राठौर।इस बार वो अपने परिवार के साथ भारत आये और उन्होंने दीपावली का त्यौहार अपने गावं मे मनाने का निश्चय किया। अभय सिंह राठौर ने बताया कि उन्होंने अपने गांव के लोगों के साथ और ताइक्वांडो के छात्रों के साथ पहली बार दीपावली मनाई। ये उनकी अब तक की सबसे शानदार दीपावली रही।उन्होंने कहा कभी भी अपनी संस्कृति को और धार्मिक रीति रिवाजों को नहीं भूलना चाहिए। दीवाली के अवसर पर उन्होंने जहां गणेश लक्ष्मी की पूजा की। वहीं ताइक्वांडों की भी पूजा की। उन्होंने अपने गावं मे भी एक ताइक्वांडों स्कूल की स्थापना की हैं। वे चाहते हैं कि अब अपने गांव और मिट्टी के लिये भी कुछ करें। उन्होंने कहा कि विश्व में भारतीय संस्कृति से बढ़कर कोई संस्कृति नहीं। वे युवा पीढ़ी से अपील करते हैं कि भारतीय संस्कृति को कभी न भूलें।
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