दीपक पटेल का चिरमिरी के सरकारी अस्पताल में चल रहा था इलाज, वहीं ली आखिरी सांस
कोरिया: मनेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक दीपक पटेल का मंगलवार की रात निधन हो गया। दीपक मनेंद्रगढ़ इलाके के वरिष्ठ भाजपा नेताओं में से एक थे। दीपक भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भी थे। इस निधन पर वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अरुण साहू और नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने शोक व्यक्त किया है। सांस लेने में तकलीफ के बाद दीपक पटेल को चिरमिरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया था वहीं उनका इलाज चल रहा था और अब उनकी मौत हो चुकी है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने बीजेपी नेता के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान कर शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करें। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने मनेन्द्रगढ़ के पूर्व विधायक दीपक पटेल के आकस्मिक निधन पर शोक जताते हुए कहा कि विवाह ना कर सदैव पार्टी व देश की सेवा को सर्वोपरि मानने वाले पुराने साथी का जाना एक निजी क्षति है।अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद दीपक पटेल का इलाज चिरमिरी के सरकारी अस्पताल में चल रहा था। जहां उनका निधन हो गया। अब भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। दीपक पटेल अपने कार्यकाल में छत्तीसगढ़ के उत्कृष्ठ विधायक के सम्मान से नवाजे गए थे।दीपक कुमार पटेल 2008 से 2013 तक BJP से मनेन्द्रगढ़ विधायक थे। उन्हें 2009-10 में उत्कृष्ठ विधायक का पुरस्कार भी मिला। दीपक पटेल कोरबा जिले के संगठन प्रभारी थे। वर्तमान में प्रदेश प्रशिक्षण वर्ग के संयोजक थे। नगरीय निकाय चुनाव में उन्हें प्रभारी की भी जिम्मेदारी दी गई थी। अपने विधायक कार्यकाल में चिरमिरी क्षेत्र में जलावर्धन योजना की स्वीकृति दिलाई थी।दीपक पटेल का सफरदीपक पटेल मनेंद्रगढ़ के रहने वाले थे। उन्होंने हायर सेकेंड्री तक की पढ़ाई की थी। भाजपा युवा मोर्चा के 1992 में जिला उपाध्यक्ष थे, फिर 1995 में कार्यकारिणी सदस्य बने। 2000 में भा.ज.युवा मोर्चा, जिला अध्यक्ष, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। 2008 में पार्षद, नगर पालिका-चिरमिरी, 2008 में पहली बार विधान सभा के लिए निर्वाचित हुए। 2009 में सभापति, पुस्तकालय समिति, छत्तीसगढ़ विधानसभा में वो सदस्य बने, इसके बाद विधानसभा की लोक लेखा समिति, विशेषाधिकार समिति, सामान्य प्रयोजन समिति, 2010 में सभापति, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति, प्राक्कलन समिति, विशेषाधिकार समिति, प्रयोजन समिति, सरकारी उपक्रमों संबंधी समिति के सदस्य रहे।
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