बाल संप्रेषण गृह से हो गया था फरार, बालिग होने पर चढ़ा जीआरपी के हत्थे
भिलाई: आरोपी जीआरपी की गरफ्त मेंजीआरपी पुलिस ने 15 साल पहले बाल संप्रेषण गृह से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। हत्या के आरोप में फरार इस आरोपी के ऊपर 5 हजार रुपए का ईनाम घोषित था। वह दीपावली त्यौहार पर अपने घर आया था। जैसे ही इसकी सूचना जीआरपी को लगी उसने घेराबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया। चरोदा जीआरपी ने बताया कि आरोपी गोविंद उर्फ गोविंदा ने 28 जून 2015 को अपने साथी राजेश रात्रे, आशीष, संदीप, कमलेश, बबुआ, धनुराम, रेशम लाल के साथ मिलकर राजू श्रीवास्तव की हत्या की थी। इतना ही नहीं उन्होंने राजू के छोटे भाई संजू श्रीवास्तव को मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाई थीं। इसके बाद गोपी लाल श्रीवास्तव ने जीआरपी थाना भिलाई चौकी चरोदा में मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। जीआरपी ने मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया था।घटना के समय आरोपी गोविंद उर्फ गोविंदा नाबालिग था, इसलिए उसे किशोर न्याय बोर्ड दुर्ग पेश किया गया था। वहां से गोविंद को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया। वहां रहते रहते साल 2017 में गोविंद फरार हो गया था। इसके बाद इस मामले में पुलगांव पुलिस ने अपराध कायम किया था। पुलिस को आरोपी की काफी समय से तलाश थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की आरोपी दीपावली का त्यौहार मनाने अपने गृह ग्राम कुरा थाना धरसीवा जिला रायपुर आया है। सूचना मिलते ही जीआरपी ने आरोपी की घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार न्यायालय में पेश किया। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी चरोदा महेन्द्र प्रसाद, आरक्षक विष्णु सुमन, प्रकाश सोनी, भगवानदास पुराना, गिरधर लहरे शामिल थे।जारी किया गया था 5 हजार रुपए का ईनामकिशोर न्याय बोर्ड दुर्ग ने गोविंद के खिलाफ स्थाई वारंट जारी किया था। मामले को गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रेल रायपुर धर्मेंद्र सिंह ने द्वारा वारंटी की तलाश के लिए 5 हजार रूपए का इनाम घोषित किया गया। आरोपी को पकड़ने के लिए मुखबिर लगाया गया था।
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