सीएम हेमंत बोले- ईडी की बुलाहट से नहीं घबराते, राज्य के नौजवान-किसान-मजदूर देंगे जवाब
रांची| झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि उन्हें ईडी की ओर से बुलाहट आया है और वह इसका माकूल जवाब देंगे। वह साजिशों से घबराने वाले नहीं। हमारे विरोधी और विपक्षी जब राजनीतिक रूप से मुकाबला नहीं कर पाये तो उन्होंने संवैधानिक ताकतों को गलत तरीके से हमारे पीछे लगा दिया। ऐसे तमाम षड्यंत्रों का जवाब राज्य के नौजवान, किसान, मजदूर, दलित, महिलाएं, बच्चे, आदिवासी और बुजुर्ग देंगे, जिनका विश्वास हमारे साथ है। बुधवार दोपहर साहिबगंज में एक सरकारी कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सीएम ने ये बातें कहीं।
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को भी निशाने पर लिया। कहा कि राज्यपाल ने एक ओर चुनाव आयोग से आई चिट्ठी को ढाई-तीन महीनों से दबा रखा है और इसके बदले कहते हैं कि राज्य में एटम बम फटेगा। ऐसे बयान से साफ है कि किसी तरह संवैधानिक संस्थाओं का ‘सदुपयोग’ किया जा रहा है। यह सब कुछ मिलीभगत और षड्यंत्र का हिस्सा है।
सोरेन ने भाजपा का नाम लिए बगैर कहा कि इन्हें बर्दाश्त नहीं है कि कैसे आदिवासी का बेटा मजबूती से आगे बढ़ रहा है। दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग सरकार के हिस्सेदार हैं, इस बात से इनके पेट में दर्द हो रहा है। यह कोई नई बात नहीं है। इतिहास गवाह है कि एकलव्य की तीरंदाजी का मुकाबला नहीं करने वाले उसका अंगूठा मांग लेते हैं। लेकिन उन्हें नहीं पता कि हम सिद्धो-कान्हू की धरती के लोग हैं। हमारे पूर्वजों ने हमें कभी हारना नहीं सीखाया है। हमलोग हर जंग में लड़ना और लड़कर जीतना जानते हैं।
सोरेन ने कहा कि वे हमें दिखाना चाहते हैं कि देखो ईडी कितना ताकतवर है। सोनिया गांधी को बुलाया, राहुल गांधी को बुलाया और अब मुख्यमंत्री को बुलावा भेजा है। पर कोई बात नहीं, इसका जवाब भी हमलोग देंगे। उन्हें लगता है कि इससे हमारी पहचान और छवि खराब हो जाएगी तो यह उनकी गलतफहमी है।
गौरतलब है कि राज्य में अवैध खनन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन को 3 नवंबर गुरुवार को दिन 11 बजे रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के लिए हाजिर होने का समन भेजा है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.