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पंधाना में बेपरवाह सिस्टम ने छीना मांं का आंचल, इकलौती संतान थी

खंडवापं: पंधाना में शुक्रवार शाम को एक तेज रफ्तार डंपर ने दो बच्चों को कुचल दिया। एक की हालत गंभीर है, वहींं दूसरे बच्चे ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। मासूम के कमर के नीचे का हिस्सा डैमेज हो चुका था, वह इतना साहसी था कि आंखो से आंसू तक नहीं झलकें। पर इसी तरह सिस्टम हिम्मत जुटा लेता तो मासूम की जान नहीं जाती। मजदूर माता-पिता की वह इकलौती संंतान थी, मां का आंचल ही छीन गया। बच्चे की मौत की खबर सुनकर वह बेसुध हो गई।दोनों बच्चे स्कूल से घर जा रहे थे, तभी शाम 5 बजे के करीब पंधाना के बस स्टैंड पर हादसा हुआ। मृतक राजबीर गोस्वामी सातवीं क्लास का स्टूडेंट था, उसके पिता राजू गोस्वामी दूसरे शहर में मजदूरी करते है। थाना प्रभारी रामप्रकाश यादव का कहना है कि, घटना के तत्काल बाद घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डंपर को पुलिस थाने में खड़ा कराया है, मौके से ड्राइवर फरार हो गया। अज्ञात चालक के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है। मुरूम से भरा डंपर फोरलेन निर्माण के लिए चल रहा है, जो सिंगोट क्षेत्र की ओर से खनन करके आ रहा था।- नेताओं के प्रेशर में देर शाम हुआ शव का पोस्टमार्टमहादसे के बाद नगर के लोगों में सिस्टम के खिलाफ काफी आक्रोश दिखा। सिस्टम की बदाैलत ही नगर में ओवरलोड यानी क्षमता से ज्यादा भरे डंपर निकलते है। ये हादसा भी थाने के पास ही बस स्टैंड पर हुआ। जब बालक ने दम तोड़ दिया और उसे जिला अस्पताल की मर्च्युरी में ले जाते उससे पहले ही पोस्टमार्टम के लिए डाॅक्टरों की टीम तैनात हो गई। शायद इसी तरह इलाज के लिए भी डॉक्टर तैनात करा देते। मेडिकल कॉलेज के डीन को सूचना दे दी गई थी। यहींं वजह है कि पहली बार सूर्यास्त के बाद पोस्टमार्टम हुआ।

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