कार्तिक आर्यन इंजीनियरिंग करते-करते ऐसे बने एक्टर
कार्तिक आर्यन को बॉलीवुड इंडस्ट्री में 10 साल पूरे हो चुके हैं। एक्टर ने इतने वर्षों में एक से बढ़कर एक बेहतरीन फिल्मों लोगों को दी हैं। ‘प्यार का पंचनामा’ से लेकर ‘भूल भुलैया 2’ तक कार्तिक ने हमेशा ही अपनी फिल्मों से लोगों का एंटरटेनमेंट किया है। आज यह हैंडसम हंक अपनी लाइफ के 32वें पड़ाव पर पहुंच गया है। कार्तिक आर्यन को उनके फैंस और सेलेब्रिटी फ्रेंड्स ने ढेर सारी बधाई दी है। एक्टर ने भी अपने स्पेशल डे का सेलिब्रेशन सबसे पहले अपनी फैमिली के साथ किया। 22 नवंबर की शाम को वह दोस्तों के लिए बर्थ डे पार्टी थ्रो करेंगे।
कार्तिक आर्यन न आज वह कामयाबी हासिल की है, जिसे छू पाना आसान नहीं है। अपने टैलेंट के दम पर उन्होंने इंडस्ट्री में अपने लिए जगह बनाई। हालांकि, एक आउटसाइडर होने के नाते यह उनके लिए आसान नहीं था। कार्तिक, डॉक्टरों के परिवार से आते हैं इसलिए उनके पैदा होने पर उम्मीद जताई जा रही थी कि वह भी खानदान के अगले डॉक्टर ही होंगे। लेकिन कार्तिक को तो एक्टर बनना था। लिहाजा, डॉक्टर की पढ़ाई को छोड़ उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की और यहीं से अपने एक्टर बनने का रास्ता तय किया।
1990 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्में कार्तिक का असली नाम कार्तिक तिवारी है। उनके पिता मनीष तिवारी बाल रोग विशेषज्ञ और मां माला तिवारी स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। कार्तिक की बहन कृतिका तिवारी भी डॉक्टर हैं। ऐसे में कार्तिक के मम्मी-पापा को लगा कि उनका बेटा भी इस देश का अगला डॉक्टर ही होगा। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद कार्तिक ने मुंबई के डी वाई पाटिल कॉलेज में इंजीनियरिंग के लिए दाखिला लिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्तिक अपनी ड्रीम सिटी मुंबई में पढ़ाई तो कर रहे थे, लेकिन उनका मन एक्टिंग में था। लिहाजा, पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने ऑडिशन देने शुरू कर दिए। एक्टिंग की बारीकियां सीखने के लिए क्लासेज भी ज्वाइन की। करीब तीन साल उन्हें इंडस्ट्री में घुसने के लिए स्ट्रगल करना पड़ा। फिर एक्टर ने मॉडलिंग शुरू की और कुछ समय बाद कार्तिक को पहली फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ मिली, जो कि 2011 में रिलीज हुई थी। इसी फिल्म की अगली सीरिज में भी कार्तिक ने काम किया। लेकिन पहली फिल्म मिलने की जानकारी जब कार्तिक ने अपने घर में दी, तो भी उनकी मां ने उन्हें डिग्री पूरी करने की सलाह दी। कार्तिक ने पहली फिल्म मिलने के बाद भी इंजीनियरिंग की अपनी डिग्री पूरी की।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.