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हम जल्द ही यूनिफॉर्म सिविल कोड लेकर आएंगे : अमित शाह

नई दिल्ली| केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुरुवार को जम्मू कश्मीर में आतंकवाद समेत यूनिफॉर्म सिविल कोड और कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। गृह मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार हर हाल में समान नागरिक संहिता कानून लाकर रहेगी। अमित शाह ने कहा कि यूनिफार्म सिविल कोड हमारी राजनीतिक यात्रा का वादा रहा है। किसी भी लोकतांत्रिक देश में धर्म के आधार पर कानून नहीं होने चाहिए। यूनिफॉर्म सिविल कोड पर खुली बहस की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हिमाचल, उत्तराखंड और गुजरात में हम इसकी शुरूआत करने जा रहे हैं। अमित शाह ने दोहराया कि सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड लाकर रहेगी। इसके लिए हमारी पार्टी अडिग है। उन्होंने कहा कि 2024 से पहले शायद ज्यादातर राज्य इस कानून को ले आएं। नहीं तो 2024 में हम ही सत्ता में आने वाले हैं। यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करके रहेंगे।

वहीं दूसरी तरफ अमित शाह ने जम्मू कश्मीर और आतंकवाद को लेकर कहा कि आंतरिक सुरक्षा में तीन समस्या जम्मू कश्मीर, आतंकवाद, पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवाद थे। आज इससे काफी हद तक निजात मिल चुकी है। अमित शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कर संदेश दिया कि भारत की सीमा और सेना से छेड़खानी कोई करेगा तो उसे अंजाम भुगतना पड़ेगा।

अमित शाह ने आगे कहा कि सालों से प्रचारित किया जाता था कि धारा 370 के कारण जम्मू कश्मीर भारत से जुड़ा है। आज 370 नहीं है। जम्मू कश्मीर भारत के साथ फिर भी जुड़ा है। उन्होंने बताया कि 30 हजार पंच सरपंच के जरिये जम्मू कश्मीर में नई लोकतांत्रिक पीढ़ी खड़ी हो रही है। 56 हजार करोड़ का निवेश आया है। आजादी के बाद से 80 लाख टूरिस्ट जो सबसे ज्यादा है, वो वहां आये हैं। दलित आदिवासी को आरक्षण का फायदा मिला है।

अमित शाह ने बताया कि 90 के दशक के मुकाबले आज सबसे कम आतंकवाद की घटनाएं हुई हैं और पथराव की घटनाएं भी शून्य हो गई हैं। उन्होंने कहा कि बड़े बड़े सुरक्षा पंडित कहते थे कि धारा 370 को छूना मत नहीं तो हाथ जल जाएंगे। आज जम्मू कश्मीर खुशहाल है। पहले के मुकाबले आतंकवाद और मरने वालों की संख्या कम हुई है, जल्द ही ये शून्य होगी।

अमित शाह ने कहा कि सीएए देश का कानून है। इसमें कोई बदलाव नहीं हो सकता। वहीं चीन सीमा विवाद पर शाह ने कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि चीन से सीमा विवाद पंडित नेहरू के समय से है। इसपर आज वो सवाल उठा रहे हैं, जिनके समय में 1 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन चली गई। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में एक इंच जमीन भी किसी विदेशी के कब्जे में नहीं जा सकती।

अमित शाह ने अर्थव्यवस्था को लेकर भी अपनी राय रखी और कहा कि 2025 तक हमने भारत की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन बनाने का लक्ष्य रखा है। 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र होगा। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में भारत ने जो मुकाम हासिल किया है, उसकी आलोचना करने वाले भी मानेंगे की आने वाले 25 साल भारत के हैं। शाह ने बताया कि आजादी के बाद से सबसे ज्यादा निर्यात 421 बिलियन डॉलर का 2022 में हुआ है। उन्होंने कहा कि 2014 में 4 यूनिकॉर्न स्टार्टअप थे, आज 100 से ज्यादा हैं। वहीं 70 हजार से ज्यादा स्टार्टअप भारत मे शुरू हुए हैं।

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