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बोले-उन्हें जान से मार कर लें जमीन पर कब्जा, जीते-जी नहीं छोड़ेंगे घर

जालंधर: हरियाणा के जालंधर शहर में लतीफपुरा की जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। प्रशासन उसका कब्जा लेना चाह रहा है, जबकि बरसों से वहां पर रह रहे लोग घर छोड़ने को राजी नहीं हैं। लोगों का कहना है कि वह पिछले 70 सालों से लतीफपुरा में रह रहे हैं। उनकी कई पीढ़ियां यहां पर पैदा हुईं, लेकिन उन्हें अभी तक समझ में नहीं आ रहा है कि जहां पर वह इतने सालों से रह रहे हैं। उनकी जमीन कैसे बिक गई।विरोध जताते लतीफपुरा निवासीबाकायदा निगम को देते रहे हैं टैक्सलतीफपुरा में रहने वाले बुजुर्ग लोगों का कहना है कि वह बरसों से नगर निगम को टैक्स देते आ रहे हैं। उनके घरों में उनके बुजुर्गों के नाम से बिजली के मीटर हैं, पानी के कनेक्शन हैं। लतीफपुरा में रहने वाले बुजुर्ग कश्मीर सिंह ने कहा कि इसके अलावा उनके राशन कार्डों से लेकर कई ऐसे दस्तावेज हैं जो यह साबित करते हैं कि वह अचानक आकर यहां पर नहीं बसे हैं। बल्कि 70 साल से वह यहां पर रहते आ रहे हैं।अचानक आकर यह कह देना कि घरों को खाली करो और यहां से चले जाओ यह न्यायसंगत नहीं है।लतीफपुरा में बसने की कहानी बताते बुजुर्ग कश्मीर सिंहदावा- उनके नाम पर है लतीफपुरा में जमीन​​​​​​​लतीफपुरा के कुछ बुजुर्गों ने दावा किया है कि जहां पर वह रह रहे हैं, वह जमीन उनके नाम पर है। चाहे तो विभाग माल महकमे में जाकर उनके रिकॉर्ड भी चेक कर सकता है। राजस्व रिकॉर्ड में कब्जा उनके नाम पर दर्ज है। प्रशासन उनकी जमीन को छोड़कर शेष कर अपना कब्जा कर ले उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन वह लतीफपुरा में किसी के साथ नाजायज नहीं होने देंगे। किसी का घर नहीं उजड़ने देंगे।बुजुर्ग कश्मीर सिंह ने कहा कि उनके बुजुर्ग साल 1951-52 में आकर यहां पर बसे थे। अब उनके खानदान की चौथी पीढ़ी चल रही है। 1972 में सरकार ने उन्हें यहां पर हम सब परिवार समेत रह रहे हैं, जमीन अवार्ड की थी। 1977-78 में उनके नाम से टैक्स दिया गया है। जिसकी रसीदें तक उनके पास हैं।

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