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32 दिन में शिकार करना सीख गए विदेश से आए चीते

भोपाल। कूनो नेशनल पार्क के बड़े बाड़े के अलग-अलग कंपार्टमेंट में रहे सभी आठों चीतों ने अब स्वयं करना सीख लिया है। बीते 24 घंटे की अवधि के दौरान अंतिम मादा चीतों सियाया और सवाना भी अपना पहला शिकार कर लिया। यही वजह है कि बड़े बाड़े में छोडऩे की 32 दिन की अवधि में सभी आठ चीते अब शिकार कर चुके हैं। इससे जाहिर है कि अब ये सभी चीते कूनो के खुले जंगल में छोड़े जाने के लिए धीरे धीरे तैयार हो रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि छोटे बाड़े से निकालकर 5 नवंबर को दो नर चीतों (फ्रेडी व एल्टन) को छोड़ा गया। जिसके बाद दोनों कई बार शिकार कर चुके हैं। वहीं 18 नवंबर को तीसरे नर चीते(ओबान) को छोड़ा गया। इसके बाद 27 नवंबर को दो मादा चीता (आशा व टिब्लिसी) और 28 नवंबर को तीन मादा चीता (शाशा सियाया और सवाना) को छोड़ा गया। यही वजह है कि 5 नवंबर से 6 दिसंबर तक की कुल 32 दिन की अवधि में अब सभी 8 चीते कूनो के बड़े बाड़े में अपना स्वयं शिकार करना सीख गए हैं।

सियाया ने रात में तो सवाना ने दिन में किया शिकार
28 नवंबर को एक ही कंपार्टमेंट में छोड़ी गई तीन मादा चीतों में से शाशा ने जहां रविवार-सोमवार की रात को शिकार कर लिया था। वहीं सियाया ने सोमवार-मंगलवार की रात को और तीसरी मादा सवाना ने मंगलवार की सुबह अपना पहला शिकार किया।

इनका कहना है
सियाया और सवाना ने भी अपने शिकार कर लिए हैं। इस प्रकार अब सभी आठों स्वयं शिकार करना सीख गए हैं।
पीके वर्मा डीएफओ कूनो नेशनल पार्क

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