ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

बिहार के जन मुद्दों से दूर केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस : श्रवण अग्रवाल

पटना। राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल ने पटना में कहा कि राष्ट्रीय लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस इन दिनों नई दिल्ली में फोटोशूट सेशन अभियान में लगे हुए है। श्रवण अग्रवाल ने कहा कि पशुपति पारस केवल नई दिल्ली में घूम-घूम कर एनडीए के शीर्ष नेतृत्व और अन्य नेताओं से मुलाकात कर और फोटो खींचा कर अपने जिम्मेवारी के इतिश्री का निर्वहन कर रहे हैं जबकि बिहार की बदहाली और बिहार में जन मुद्दों पर उनको एक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते सशक्त विपक्ष की भूमिका का निर्वहन करना चाहिए था वह अपनी जिम्मेवारी से पूरी तरह से दिल्ली में बैठकर पल्ला झाड़ रहे हैं , जहां तक की उनके द्वारा यह कहा गया था कि पार्टी के सभी सांसदों और पार्टी के अन्य वरीय नेताओं के शिष्टमंडल के साथ देश की महामहिम राष्ट्रपति महोदय द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर जहरीली शराब कांड और राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर ज्ञापन सौंपेंगे, लेकिन आज वह केवल अपने प्रदेश अध्यक्ष के साथ महामहिम राष्ट्रपति महोदया से जाकर मुलाकात कर आये। उनके साथ पार्टी के कोई भी अन्य सांसद महामहिम राष्ट्रपति महोदया से मुलाकात करने नहीं गए । अन्य सभी सांसदों ने आज इस मुलाकात से दूरी बनाकर रखी। पार्टी के अन्य कोई भी वरिष्ठ नेता उनके साथ नहीं दिखे यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है पशुपति पारस अपने सांसदों और अपने पार्टी के सहयोगी नेताओं को साथ लेकर चलने में पूरी तरह से असफल रहे। 2001 जून में लोक जनशक्ति पार्टी को तोड़ने के बाद उनका ज्यादातर समय दिल्ली में ही बीता, वह बिहार के किसी भी जिले में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में ना किसी कार्यकर्ता सम्मेलन में गए, ना ही उन्होंने राज्य के किसी भी जिले में आज तक कार्यकर्ताओं के साथ कोई बैठक की। इससे राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ता और नेता में काफी असंतोष है जो आने वाले दिनों में बिहार में राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के लिए शुभ संकेत नहीं होगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.