उपेन्द्र कुशवाहा स्वयं हित की राजनीति करते हैं : दिलीप
जहानाबाद। जदयू मुख्य प्रवक्ता दिलीप कुशवाहा ने उपेंद्र कुशवाहा को नई पार्टी बनाने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अपने व्यक्तिगत स्वार्थ में बार-बार दल बदलने और कुशवाहा समाज को मोहरा बनाने वाले उपेंद्र कुशवाहा को सभी राजनीतिक दलों और खासकर बिहार का कुशवाहा समाज पूरी तरह समझ चुका है। उपेंद्र ने अपने फायदे के लिए समाज को कई बार बेचा इसलिए उपेंद्र कुशवाहा के साथ समाज का मोह भंग हो चुका है। बिहार का कुशवाहा समाज इतना बेबस और मूर्ख नहीं है की वह बार बार उपेंद्र के इशारे पर उनकी राजनीतिक रोटी सेकने में मददगार बना रहे। बिहार का कुशवाहा समाज अब उपेंद्र कुशवाहा से नफरत करने लगा है। अभी तक कई पार्टियों का गठन कर राजनीतिक रोटी सेकने का काम किया है। अपनी पार्टी बनाकर बड़ी पार्टियों को ब्लैकमेल कर स्वयं किसी न किसी सदन का सदस्य बनने का किया। कुशवाहा समाज को ठगने का काम किया है। प्रवक्ता ने कहा कि उपेंद्र नीतीश कुमार के कृपा से समता पार्टी के मशाल चुनाव चिन्ह पर साल 2000 में बिहार विधान सभा का सदस्य बने और 2004 में विधानसभा के विरोधी दल के नेता बने। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इतना ही दर्द है तो नीतीश कुमार के कृपा से विधायक, राज्यसभा और विधान परिषद के जो पेंशन और वेतन भत्ता का लाभ ले रहे हैं, उसका त्याग कर देना चाहिए।