ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

पीपल से जुड़ी ये गलती तबाह कर सकती है आपकी पूरी जिंदगी

सनातन धर्म में पेड़ पौधो को बेहद ही खास माना जाता है मान्यता है कि कुछ ऐसे पौधे व वृक्ष होते है जिनमें देवी देवताओं का वास होता है और लोग इनकी विधिवत पूजा भी करते है इन्हीं में से एक है पीपल का पेड़।पीपल के पेड़ को बेहद पवित्र और पूजनीय माना जाता है। लेकिन धार्मिक शास्त्रों में पीपल के पेड़ और उसकी पूजा को लेकर कुछ खास बातें बताई गई है, जिनका अगर पालन किया जाए तो लाभ मिलता है लेकिन अनदेखी करने वालों को कई परेशानियों व कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। तो आज हम आपको पीपल से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें बता रहे है, तो आइए जानते है।

पीपल से जुड़े नियम-
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार भूलकर भी रविवार के दिन पीपल के पेड़ की पूजा नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है मान्यता है कि रविवार के दिन अगर कोई पीपल की पूजा करता है तो उसके धन संकट का सामना करना पड़ सकता है और साथ ही साथ घर परिवार में रोग, क्लेश, शोक छा जाता है। मान्यता है कि पीपल के पेड़ पर माता लक्ष्मी और उनकी बहन दरिद्रा का वास होता है।ऐसे में अगर कोई रविवाह के दिन पीपल के पेड़ की पूजा आराधना करता है तो उसके घर और जीवन में दरिद्रा छा जाती है जिसके कारण व्यक्ति के पूरे परिवार को धन से जुड़ा संकट झेलना पड़ता है और जीवन में कई तरह की दिक्कतें आ जाती है ऐसे घर को माता लक्ष्मी छोड़ देती है और वहां दरिद्रा का वास हो जाता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.