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 5वीं और 8वीं के 77000 नौनिहालों पर संकट

भोपाल । मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र पांचवी और आठवीं की परीक्षा बोर्ड पैटर्न पर करा रहा है। इसमें प्रदेश भर के 24 लाख 73 हजार से अधिक बच्चे परीक्षा में बैठेंगे। 6 मार्च से 15 मार्च तक प्रवेश पत्र बांटे जाएंगे। 25 मार्च से परीक्षाएं शुरू होंगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 76467 बच्चों की परीक्षा पर संकट के बादल छाए हुए हैं। समग्र पोर्टल पर छात्रों की आईडी नहीं होने के कारण यह छात्र परीक्षा नहीं दे सकेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन छात्रों का स्कूल बदला है। या अन्य प्रदेश से आकर यहां पढ़ रहे हैं। उनकी आईडी समग्र पोर्टल में अपग्रेड नहीं होने से, पांचवी और आठवीं के छात्रों को मानसिक रूप से परेशान होना पड़ रहा है। नौनिहाल बड़े संवेदनशील होते हैं।

जब यह बात शासन की जानकारी में आई।उसके बाद ताबड़तोड़ तरीके से उसका निराकरण करने की बात कही जाने लगी। परियोजना समन्वयक एम एल सांसारी ने कहा कोई भी बच्चा परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। फिर से पोर्टल रिओपन करने और आईडी ठीक कराने की बात कही गई।

राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक धनराजू एस ने प्रदेश स्तरीय इस समस्या को देखते हुए, सभी स्कूलों को निर्देश दिया है, कि वह पोर्टल पर जाकर आईडी को ठीक करें। बहरहाल सरकार जो निर्णय लेती है। उसकी जिम्मेदारी किसी अधिकारी की नहीं होती है। निर्णय हो जाते हैं, जिसका खामियाजा हजारों लाखों लोगों को भुगतना पड़ता है।बाद में अधिकारी और कर्मचारी एक दूसरे के ऊपर ठीकरा फोड़कर बच निकलते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि छोटे-छोटे बच्चे जो संवेदनशील होते हैं। उन्हें भी इस मानसिक अवस्था से गुजारने की जिम्मेदारी किसकी होगी।यह सरकार को तय करना जरूरी है।

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