ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

एक अप्रैल से बढेगा शुल्क, अनाधिकृत निर्माण को नियमित करने अधिक से अधिक लोग करें आवेदन

रायपुर: कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों के निवासियों से अपने घरों या दुकानों में अनाधिकृत निर्माण को नियमित कराने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि 31 मार्च को चालू वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाएगा और नये वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से नगर निगम के अनुज्ञा शुल्क में पहले की तरह ही 10 प्रतिशत की बढोत्तरी हो जायेगी। ऐसे में अनुज्ञा शुल्क बढने से नियमितीकरण के लिए निर्धारित राशि भी बढ जायेगी। कलेक्टर डॉ भुरे ने अतिरिक्त वित्तीय भार से बचने के लिए अनाधिकृत निर्माण के नियमितीकरण के आवेदन 31 मार्च के पहले अधिक से अधिक लोगों द्वारा जमा कराने की अपील की है। 31 मार्च तक प्राप्त आवेदनों पर चालू वित्तीय वर्ष अनुसार ही शुल्क लिया जाएगा।

अनाधिकृत निर्माण के नियमितीकरण के नियमों को प्रशासन ने बहुत सरल कर दिया है। अब लोग आसानी से आवेदन देकर निर्धारित शुल्क जमाकर अपनी अनाधिकृत निर्माण को नियमित करा सकते है। अब नये नियमों के तहत ही आवेदन लिए जा रहे है। इसके लिए संबंधित नगर-निगम या नगरपालिका परिषद् के कार्यालय में आवेदन किया जा सकता है। निगम या पालिका की सीमा के बाहर निवेश क्षेत्र के अन्दर के अनाधिकृत निर्माण को नियमित कराने के लिए नगर निवेश कार्यालय में आवेदन जमा होंगें। आवेदक को आवेदन के साथ मकान के कागजात, मकान के फोटोग्राफ्स, मकान का आर्किटेक्ट द्वारा बनाए गए नक्शा और संपत्ति कर या बिजली बिल की रसीद भी संलग्न करनी होगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.