ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

समान नागरिक संहिता को लेकर गरमाई सियासत ओवैसी के बयान पर नरोत्तम ने किया पलटवार

भोपाल। मंगलवार को भोपाल में भाजपा के मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा समान नागरिक संहिता पर रुख स्‍पष्‍ट करने के बाद इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। एआइएमआइएम के अध्‍यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी के बयान की आलोचना करते हुए इसके जवाब में हिंदू सिविल कोड का हवाला दिया। इस पर प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा ने पलटवार किया है।

बुधवार को मीडियाकर्मियों से चर्चा के दौरान नरोत्‍तम मिश्रा ने कहा कि यूनिफार्म सिविल कोड का विरोध करने वाले असदुद्दीन ओवैसी दरअसल अंग्रेजों और कांग्रेस की भाषा बोल रहे हैं। जिस संविधान संशोधन का हवाला ओवैसी दे रहे हैं, उसका निर्माण आदरणीय बाबासाहब आंबेडकर जी ने किया था। बाबासाहब हमेशा समान नागरिक संहिता के पक्षधर रहे। अंग्रेजों के कारण और नेहरू जी के कारण उस समय 1954 में हिंदू सिविल कोड लाए और इस तरह की बातें करें, ऐसा उनने बोला था। राजीव गांधी के समय में शाहबानो प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय को पलट दिया गया था।

नरोत्‍तम ने तीन तलाक के मुद्दे पर भी ओवैसी को घेरा और कहा कि इनके जैसे लोग अपने समाज की आधी आबादी यानी महिलाओं का ही पक्ष्‍ा नहीं लेते। माताओं, बहनों के उत्‍थान का तीन तलाक निषेध संबंधी जो कानून है, ये उसका ही विरोध करते हैं। ये कामन सिविल कोड का शुरुआत से ही विरोध करते हैं। ये बहुत क्षुद्र मानसिकता है। जब कश्‍मीर का विषय आया था, तब भी हमारे लोगों ने कहा था कि एक देश में दो विधान, दो निशान नहीं हो सकते। हम तो शुरुआत से समान नागरिक संहिता के पक्षधर हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.