ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

खरीदी का दूसरा महामुहूर्त धनतेरस कल, यहां देखें खरीदी के मुहूर्त

इंदौर। रवि-पुष्य के संयोग के बाद खरीदी का दूसरा महामुहूर्त धनतेरस 10 नवंबर को होगा। इस दिन चित्रा नक्षत्र और प्रति योग में शुभ मुहूर्त में भूमि-भवन में निवेश के साथ सराफा और बर्तन बाजार मे भी खरीदारी होगी। ज्योतिर्विदों के अनुसार इस दिन वाहन और इलेक्ट्रानिक उपकरणों की खरीदारी के साथ देवी महालक्ष्मी के आगमन के अवसर पर साज-सज्जा की सामग्री भी समृद्धि प्रदान करेगी। इस दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।

ज्योतिर्विद् पं. विनायक तिवारी ने बताया कि कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी 10 नवंबर शुक्रवार को दोपहर 12.35 से 11 नवंबर को दोपहर 1.57 बजे तक रहेगी। धनतेरस में प्रदोषकाल में तिथि की मौजूदगी विशेष महत्व रखती है, इसलिए 10 नवंबर को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। धनतेरस से पांच दिनी दीप पर्व की शुरुआत भी होती है। इस दिन को धन त्रयोदशी और आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य दिवस है। इस दिन कुबेर और भगवान धन्वंतरि के पूजन के साथ बर्तन की खरीदारी की परंपरा है। इस दिन शाम को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति के लिए दीपदान भी होगा।

चिकित्सक करेंगे भगवान धन्वंतरि का पूजन

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि का पूजन धन्वंतरि मंदिर आड़ा बाजार में होगा। इस अवसर पर सुबह 9.30 बजे ब्राह्मणों द्वारा जड़ी-बूटियों से पंचामृत से अभिषेक पूजन होगा। दोपहर 12 बजे आरती की जाएगी। विशेष शृंगार भी होगा। पं. मानवेंद्र त्रिवेदी के अनुसार, 250 साल पुराने इस मंदिर में चिकित्सक आराध्य का पूजन करेंगे। मान्यता है कि भगवान के समक्ष औषधि रखने से उनके गुणवत्ता में वृद्धि होती है।

चौघडिया अनुसार मुहूर्त

– चर: सुबह 6.36 से 7.59 और शाम 4.20 से 5.44 बजे तक।

– लाभ: सुबह 8 से 9.23 बजे तक और रात 8.57 से 10.33 बजे तक।

– अमृत: सुबह 9.23 से 10.46 बजे तक।

– शुभ: दोपहर 12.10 से 1.33 बजे तक।

स्थिर लग्न

-वृश्चिक: सुबह 7.10 से 9.13 बजे तक।

– कुंभ: दोपहर 1.18 से 2.51 बजे तक।

– वृषभ: शाम 6.03 से रात 8.01 बजे तक।

श्रेष्ठ से मुहूर्त

– सुबह 8 से 10.46 बजे तक।

– शाम 6.03 से रात 8.01 बजे तक।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.