6 वर्ष तक के बच्चों का हियरिंग लॉस की स्क्रीनिंग बोधगया प्रखंड से शुरु
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर होगी स्क्रीनिंग
ज़िलाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम द्वारा गया जिले में 0 से 6 वर्ष तक के बच्चे का प्राथमिक अवस्था में हियरिंग लॉस (hearing loss) के स्क्रीनिंग करने का निर्णय लिया गया है।
जिला पदाधिकारी ने इसके लिए सर्वप्रथम बोधगया प्रखंड का चयन कर कार्य प्रारंभ किया है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि बोधगया प्रखंड के अंतर्गत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों का प्राथमिक अवस्था में हियरिंग लॉस की स्क्रीनिंग कराया जा रहा है, जिससे हियरिंग लॉस बच्चे की पहचान कर उसे समुचित इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थान में भेजा जा सके। उन्होंने 2 मार्च 2022 से 12 मार्च 2022 तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बोधगया में टीम बनाकर ऑडियोलॉजिस्ट की प्रतिनियुक्ति किया है। उसके साथ ही Otoacoustic Emission Test (OAE) इक्विपमेंट्स से संबंधित चिकित्सक जांच करेंगे।
जिला पदाधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बोधगया को निर्देश देते हुए कहा कि माइक्रो प्लान तैयार कर ऑडियोलॉजिस्ट टीम से कार्य लेना सुनिश्चित करेंगे तथा कार्य के बेहतर अनुश्रवण हेतु आरबीएसके टीम को लगाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को माइक्रो प्लान के अनुसार सभी आंगनवाड़ी सेविका को कार्यक्रम के 2 दिन पूर्व सूचना उपलब्ध कराएं ताकि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों का बेहतर प्रारूप तैयार कर सकें। इस कार्य हेतु अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को वह नोडल पदाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त करते हुए जिला समन्वयक डॉ उदय कुमार मिश्रा को सहयोगी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है।
प्रत्येक दिन 1-1 पंचायत के आंगनवाड़ी केंद्रों पर कैंप लगाकर बच्चों को स्क्रीनिंग किया जा रहा है।
कल यानी 2 मार्च को बोधगया प्रखंड के ईटरा पंचायत में कैंप लगाकर बच्चों का स्क्रीनिंग किया गया, जिसमें लगभग 322 बच्चे के स्क्रीनिंग के दौरान 8 बच्चे हियरिंग लॉस वाले पाए गए।
आज झिकटिया पंचायत में कुल 351 बच्चों में से 06 बच्चें हियरिंग लॉस (hearing loss) वाले पाए गए।
जिला पदाधिकारी ने गया जिलावासियों से अपील किया है कि अपने बच्चे को निर्धारित तिथि में आंगनवाड़ी केंद्र में लगने वाले कैंप में अपने बच्चों के कान का जांच जरूर करवाएं। उन्होंने कहा कि 3 मार्च को झिकटिया पंचायत, 4 मार्च को बसाढ़ी पंचायत, 5 मार्च को मोराटाल, 7 मार्च को बारा, 8 मार्च को शेखवाड़ा, 9 मार्च को मोरा मर्दाना, 10 मार्च को कन्नौल, 11 मार्च को गाफा खुर्द, 12 मार्च को इलरा पंचायत के विभिन्न आगनवाड़ी केंद्रों में कैंप लगाकर 0 से 6 साल के बच्चों के कान की जांच की जाएगी। इसके उपरांत अन्य प्रखंडों के सभी पंचायतों का भी माइक्रो प्लान तैयार कर बच्चों के कान का जांच करवाया जाएगा