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अफसर की गुटबाजी में फंसा नवादा। आपस में ही झगड़ रहे थे दो अधिकारी। कुछ दिन पूर्व गया IG का बात गया SSP के द्वारा नहीं माना जा रहा था। अब मगध प्रमंडलीय आयुक्त का आदेश का अनुपालन नवादा जिलाधकारी द्वारा नहीं किया जा रहा हैं। इस संबंध में राज्य सरकार ने दोनों का तबादला कर दिया था।

नवादा। मामला नवादा जिला का जहां शस्त्र अनुज्ञप्ति अपील संख्या- 66/21 में स्पष्ट आदेश जिला दंडाधिकारी नवादा को 09/09/2021 को दिया गया।
2 माह बीत जाने के पश्चात भी जिला दंडाधिकारी नवादा के आदेश का अनुपालन नही किया गया। तत्पश्चात आवेदक द्वारा विवश होकर मगध आयुक्त से इसकी शिकायत की गई। मगध आयुक्त कार्यालय द्वारा अनुपालन प्रतिवेदन का मांग किया गया। लेकिन जिला दंडाधिकारी द्वारा जवाब नहीं दिया गया।
तत्पश्चात आयुक्त कार्यालय द्वारा कारण पृच्छा पत्र निर्गत किया गया। एक महीने बाद जिला दंडाधिकारी द्वारा कारण पृच्छा का जवाब आयुक्त महोदय को दिया। उक्त जवाब संतोषप्रद नहीं होने के कारण खारिज करते हुए जिला दंडाधिकारी को कड़े शब्दों में पत्र निर्गत किया गया कि आपका कर्तव्य पदीय अधिकार के समानुकूल नहीं हैं एवं प्रोटोकॉल के विरुद्ध हैं उक्त आदेश का 7 दिनों के भीतर अनुपालन करने निदेश दिया गया।
आयुक्त कार्यालय से 4 पत्रो से पत्राचार के बाद भी जिला दंडाधिकारी द्वरा आयुक्त न्यायालय का आदेश का अवमानना किया जा रहा हैं। ऐसे में सवाल यह हैं कि जब जिलाधिकारी अपने उच्चधिकारि का बात नहीं मानते हैं तो आम लोगो से कैसे मिलते होंगे।
उक्त मामले को लेकर अनुशासनिक कार्यवाही जिला पदाधिकारी के विरुद्ध आवेदक द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग एवं लोकायुक्त बिहार से की गई हैं।

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