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रोजगार सहायक 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

मंडला   जनपद के अंतर्गत ग्वारा ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक को लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए ग्राम पंचायत में धरदबोचा। मंगलवार को रोजगार सहायक द्वारा 20 हजार की रिश्वत मटेरियल सप्लायर से बिल भुगतान के नाम पर ली जा रही थी। जैसे ही रिश्वत की राशि दी, लोकायुक्त की टीम मौके पर पहुंच तत्काल उसे पकड़ लिया।

लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार मटेरियल सप्लायर (ठेकेदार) अरिवंद जंघेला ग्वारी निवासी ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य में मटेरियल सप्लाई किया था। जिसका बिल उसका कई माह से बकाया था। बिल ग्राम पंचायत से निकलवाना चाह रहा था। लेकिन उसे घुमाया फिराया जा रहा था। चक्कर लगवाए जा रहे थे। ग्राम पंचायत ग्वारा के रोजगार सहायक मानिक लाल जंघेला से जब बिल निकलवाने कहा था। उसने राशि की डिमांड कर दी। जिसकी शिकायत 9 मार्च को लोकायुक्त जबलपुर को की गई। लोकायुक्त जबलपुर शिकायत मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी। रिश्वत के तमाम सुबूत जुटाए गए। जब टीम इस बात पर पुख्ता हो गई कि वास्तव में रोजगार सहायक रिश्वत मांग रहा है। वह मंगलवार को ग्राम पंचायत ग्वारा पहुंची और फिर जैसे ही पीड़ित अरविंद ने 20 हजार रुपये की राशि रिश्वत के रूप में दी। लोकायुक्त की टीम तत्काल पहुंच गई और उसे रिश्वत की राशि के साथ पकड़ लिया। तत्काल उसके हाथ धुलवाए गए, पानी का रंग लाल हो गया, ठेकेदार के भी हाथ धुलाए गए, उसके पानी का रंग भी लाल हो गया। जिसके बाद पुलिस ने ग्राम पंचायत में ही बैठकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

50 हजार में हुआ था तय :

आवेदक अरविंद जंघेला ने बताया कि उसने ग्राम पंचायत में नल, कुआं वाले स्थान में बन रहे शोकपिट के लिए मटेरियल सप्लाई रेत, सीमेंट, गिटटी सप्लाई किया था। 9 शोकपिट बनाए जा रहे थे। 18 हजार रुपये प्रति शोकपिट के हिसाब से मटेरियल सप्लाई किया था। जिसका एक लाख 62 हजार रुपये हो रहा था। पूरी राशि निकलवाने के लिए 50 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। 58 हजार 990 रुपये निकालने के लिए 5 हजार की राशि ले चुके थे। शेष राशि निकालने के लिए भी डिमांड की जा रही थी। इसी के चलते 20 हजार रुपये की राशि दे रहा था। इसके बाद 25 हजार रुपये और देना था। राशि न देने पर लगातार घुमाया फिराया जा रहा था। जिस कारण मुझे लोकायुक्त को शिकायत करना पड़ी।

ये रहे लोकायुक्त टीम में शामिल :

निरीक्षक घनश्याम सिंह मर्सकोले, निरीक्षक कमल सिंह उईके, आरक्षक अतुल श्रीवास्तव, सोनू चौकसे, विजय बिस्ट एवं अन्य शामिल रहे।

इनका कहना है :

मटेरियल सप्लाई के बिल भुगतान के लिए राशि की मांग रोजगार सहायक द्वारा की गई थी। 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते मानिक लाल जंघेला को पकड़ा गया हैै। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7क, 13(1)बी,13(1) के तहत कार्रवाई की गई है और आरोपित को मुचलका पर छोड़ा गया है।

– जीएस मर्सकोले, लोकायुक्त टीम जबलपुर

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