इंदौर में स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ FIR, फीस जमा नहीं करने पर छात्राओं को किया ऑनलाइन क्लास से बाहर, एग्जाम में भी नहीं बैठाया, CM हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद केस दर्ज
शहर के थाना छत्रीपुरा में गुरुवार देर रात 150 छात्राओं के पालकों द्वारा स्कूल प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। पालकों का आरोप था कि स्कूल द्वारा जुलाई माह में सभी छात्राओं को ऑनलाइन क्लास की फीस ना भरने को लेकर हटा दिया था। लंबे समय से कमिश्नर से लेकर सभी अधिकारियों से शिकायत के बाद भी जब कोई रास्ता नहीं मिला तो सभी ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने क्लाथ मार्केट वैष्णव बाल मंदिर गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्या आभा जौहरी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पालक राजेश बालोदिया की बेटी क्लाथ मार्केट वैष्णव बाल मंदिर गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, राजमोहल्ला में कक्षा 11वीं में पढाई कर रही हैं। जुलाई 2021 में स्कूल खुलने के उपरांत स्कूल द्वारा ऑनलाइन क्लास शुरु की गई। सभी पालकों से शुरुआत में फीस जमा कराने की बात कही गई। पेरेंट्स का कहना था कि कोरोना के बाद से कोर्ट द्वारा यह कहा गया गया था कि स्कूल ट्यूशन फीस के आलावा अन्य फीस नहीं ले सकेगा। लेकिन स्कूल प्रबंधन द्वारा अन्य सभी फीस को मिलाकर ट्यूशन फीस बनाकर एक साथ पूरी फीस पेरेंट्स से वसूल करने की बात सामने आई थी। जिसका 150 से ज्यादा पेरेंट्स लगातार विरोध कर रहे थे।
थाना प्रभारी पवन सिंघल का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी की जांच के बाद पुलिस को FIR दर्ज करने का आवेदन मिला है। इस पूरे घटनाक्रम में 8 बच्चों के पेरेंट्स ने केस दर्ज कराया है। इन छात्राओं को स्कूल प्रबंधक ने फीस ना भरने के कारण परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। अभी आभा जौहरी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। लेकिन उन्हें जल्द हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
8 बच्चों का भविष्य कर दिया खराब
छात्राओं के परिजनों का कहना था कि वह जुलाई 2021 से लड़ाई लड़ रहे हैं । कई बार संभाग आयुक्त से लेकर सभी अधिकारियों को आवेदन दे चुके हैं जिसके बाद 29 दिसंबर को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा मामले में जांच के बाद पुलिस को प्रतिवेदन भेजा था। लेकिन पुलिस ने 4 माह बाद इस मामले में FIR दर्ज की है। इस सरकारी लेट लतीफी के चलते उनके बच्चों का भविष्य खराब हो चुका है।
स्कूल प्रबंधन ने उच्च न्यायालय के आदेश का किया उल्लंघन
माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ जबलपुर एवं मप्र शासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों के तहत शिक्षण शुल्क नहीं मिलने से स्टूडेंट्स को ऑनलाइन कक्षा से वंचित किया गया है । उक्त प्रकरण में संदर्भित पत्रानुसार किसी भी छात्र को किसी भी प्रकार से प्रताड़ित किया जाना जुवेनाईल जस्टिस एक्ट 2015 की धारा -75 का उल्लंघन है ।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.