ऐसे कैसे पूरा होगा PM मोदी का सपना?: आवास स्वीकृत करने के बदले रोजगार सहायक ने ली 5 हजार रिश्वत, लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा
पन्ना। केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए पीएम आवास योजना चला रखी है, लेकिन मध्यप्रदेश में यह योजना पंचायत कर्मियों की कमाई का जरिया बन गई है। योजना का लाभ देने के लिए गरीब हितग्राहियों से पैसे लिए जाते हैं। ताजा मामला पन्ना जिले से आय़ा है। जहां लोकायुक्त की टीम ने आवास स्वीकृत करने के एवज में एक रोजगार सहायक को 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
जनपद पंचायत पवई के ग्राम गुढा के रोजगार सहायक को सागर लोकायुक्त ने एक हितग्राही से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। दरअसल, रोजगार सहायक ने प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने के एवज में आवेदक से रिश्वत मांगी थी। जिसकी शिकायत फरियादी ने लोकायुक्त से कर दी।
वहीं आज लोकायुक्त की टीम ने रोजगार सहायक को फरियादी से 5 हजार रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया। फिलहाल टीम आगे की कार्रवाई कर रही है।
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