रामचरित मानस की शिक्षा की ओर बढ़ा छात्रों का रुझान: अब एमपी भोज विश्वविद्यालय में महाभारत और कोटिल्य का मैनेजमेंट भी पढ़ाया जाएगा
भोपाल। मध्यप्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय ने नई पहल की है. सनातन (हिन्दू ) शिक्षा से जुड़े मैनेजमेंट से भी विद्यार्थियों को परिचय कराएगा. विश्वविद्यालय में अब महाभारत, राम चरित मानस और कोटिल्य का मैनेजमेंट पढ़ाया जाएगा.
भोज विश्वविद्यालय सत्र 2021-22 से रामचरित मानस में एक नया डिप्लोमा कोर्स शुरू था. पहले वर्ष इसमें 50 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था. अगले एक साल में इसमें विद्यार्थियों का रुझान बढ़ रहा है. इस कोर्स में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों की संख्या में भी इजाफा देखने को मिला है.
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इस बार छात्रों की संख्या 50 से बढ़कर 100 हो गई है. यही कारण है कि अब विश्वविद्यालय नए कोर्स भी शुरू कर रहा है. इसमें महाभारत से मैनेजमेंट के लेसन और कौटिल्य से मैनेजमेंट के लेसन को पढ़ाया जाएगा. भोज कुलपति जयंत सोनवलकर ने यह जानकारी दी है.
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इन कोर्स के माध्यम से प्राचीन सभ्यता और संस्कृति के मूलभूत सिद्धांतों के साथ उनके प्रबंधन कौशल को अवगत कराया जाएगा. इसके साथ विद्यार्थियों में भारत की समग्र विचार-परंपरा का विश्लेषणात्मक विधियों द्वारा एक तार्किक समझ विकसित किया जा सकेगा. इसलिए महाभारत के साथ-साथ कौटिल्य के मैनेजमेंट को कोर्स में जगह दी गई है.
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