अपहरण के मामले में नाबालिग के पिता की फरियाद, दो माह बाद FIR
बांसवाड़ा।अपहरण के दो माह बाद नाबालिग की तलाश में विफल पिता ने पुलिस से बेटी को जिंदा या मुर्दा, कैसे भी मिलवाने की अपील की है। पीड़ित पिता ने कहा के इतने समय में उसकी बेटी जीवित है या मर चुकी है। इसका भी उसे अंदाता नहीं है। आरोप लगाया कि उसकी बेटी को पत्नी बनाने की नीयत से गुजरात के एक परिवार ने उसका अपहरण किया था। इसकी सूचना उसने थाने में समय पर दी थी, लेकिन आज तक न तो बेटी पता पड़ा और न ही आरोपियों का। साथ काम करने के दौरान आरोपी युवक उसकी बेटी के संपर्क में आया था। एक गोत्र के होने के कारण शादी नहीं हो सकती थी। उसने रिश्ते से मना कर दिया तो आरोपी युवक ने बेटी के अपहरण की साजिश रची। मामला आनंदपुरी थाने का है।जांच अधिकारी HC दिनेशचंद्र ने बताया कि बांसवाड़ा SP के आदेश पर पीड़ित पिता की रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़ित का आरोप है कि 25 मार्च की सुबह उसकी पत्नी और बेटी भलेर भोदर जा रहे थे। तभी बीच में पड़ने वाले पहाड़ी रास्ते में घूघस नड़ियाफला (थाना फतेहपुरा, गुजरात) निवासी राहुल पुत्र कीमा पारगी, प्रभु, लीमजी, कांति वगैरह अन्य लोग वहां बाइक से पहुंचे। इसमें मुख्य आरोपी ने उसके साथी के साथ बेटी का अपहरण किया, जिसकी जन्म तारीख जनवरी 2008 होकर, नाबालिग है। वहीं पीड़ित की पत्नी को बदमाश जंगल की ओर ले गए, जहां शोर सुनकर कुछ लोग दौड़े तो बदमाश उसकी पत्नी को छोड़कर भाग गए, लेकिन तबसे लेकर अब तक उसकी बेटी का कोई अतापता नहीं हैं।तो जवाबदेह रहेगी पुलिसपीड़ित ने मामले में पूरी बात बताते हुए यह भी लिखा कि अगर, किसी कारण से उसकी बेटी के साथ कुछ भी अप्रिय होता है तो इस मामले में थानाधिकारी और थाने की पुलिस दोषी रहेगी। उसने 24 अप्रेल को भी इस मामले में पुलिस को रिपोर्ट दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। पिता ने बताया कि उसकी बेटी बंद स्कूल के दौरान मजदूरी करने गुजरात गई थी। तभी वह आरोपी के टच में आई थी।एफआईआर दर्ज, जांच सौंपीमामले में थानाधिकारी दिलीपसिंह ने बताया कि SP के आदेश पर FIR दर्ज कर ली है। जांच अधिकारी भी लगाया है। नाबालिग के सुराग जुटाकर तलाश करने की कोशिश कर रहे हैं।
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