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राखी जैसा दिखता है कृष्ण कमल फूल, है ब्रह्मा-विष्णु-महेश का प्रतीक

कमल के फूल को हिन्दू धर्म में अहम माना जाता है। जी दरअसल यह कई प्रकार के होते हैं। इस लिस्ट में ब्रह्म कमल, सफेद कमल, नीलकमल, कृष्‍णकमल आदि शामिल है। जी दरअसल कृष्ण कमल के फूल की बनावट राखी की तरह होती है और इसी वजह से इसे राखी का फूल भी कहते हैं।

कहा जाता है यह बेल की तरह होता होता है इसलिए इसे झुमका लता के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा इसे जुगनू फूल भी कहते हैं और यह बहुत ही शुभ माना जाता है। कृष्‍णकमल का साइंटिफिक नाम पैशन (Passiflora) है और यह किसी के साथ आगे बढ़ने वाली बेल है। वहीँ अधिकतर यह साउथ ईस्ट अमेरिका और साउथ अमेरिका में पाया जाता है।

कहा जाता है इसके जमीन के ऊपर उगने वाले हिस्सों से दवा बनती है। इसके अलावा इसकी लताओं में फूल के साथ फल भी उगते हैं। जी दरअसल यह कमल कई तरह के रंगों में पाया जाता है। जैसे, बैंगनी, लाल और सफेद आदि। इस फूल की 500 से ज्यादा प्रजातियां हैं। आपको बता दें कि हिन्दू धर्म की धार्मिक मान्यताओं के कारण लोग इसे अपने घर में लगाते हैं। इसी के साथ इसकी बाहरी पंखुड़िया बैंगनी लाल या सफेद होती हैं जिसकी संख्या करीब 100 तक होती है।

जी हाँ और इसके ऊपर पांच कली निकलती है और कुछ लोग इसे कौरव और पांडवों से जोड़कर देखते हैं। कहा जाता है इन पांच कलियों के ऊपर और तीन कलियां होती हैं जिन्हें ब्रह्मा-विष्णु-महेश का प्रतीक माना जाता है और जो केंद्र में विराजमान हैं उन्हें कृष्ण स्वरूप कहा गया है इसीलिए इसका नाम कृष्णकमल है। इसके अलावा इस फूल को घर में लगाने से जीवन में शांति, सुख, समृद्धि, उन्नति और सभी तरह के योग बनते हैं और इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। इस कृष्‍णकमल के कई तरह औषधीय फायदे भी हैं।

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