ईश्वरीय विश्वविद्यालय में अलौकिक रक्षाबंधन महोत्सव आयोजित
सहरसा: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के बनगांव रोड स्थित स्थानीय सेवाकेंद्र शान्ति अनुभूति भवन में अलौकिक रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन कर स्नेहा बहन ने कहा कि रक्षाबंधन पवित्र जीवन बनाने का यादगार पर्व है। उन्होंने समाज के हर वर्ग के लोगों का आह्वान करते हुए कहा आइये, अबकी रक्षाबंधन पर नारी-सम्मान और उनकी अस्मिता की रक्षा का दृढ़ संकल्प लें और अपने चरित्रवान जीवन से इस पर्व की मर्यादा को दर्शाते हुए भारत की उच्च संस्कृति को फिर से बहाल करें। जबकि चारों और वर्तमान में असुरक्षा का वातावरण है, रक्षाबंधन पर्व का बहुत महान् महत्व समझ में आ रहा है। सबको परमात्म सुरक्षा-कवच की आवश्यकता है। यह रक्षाबंधन पर्व हमारा संबंध परमात्मा से जोड़ता है और वह परमरक्षक बनकर हमारी सभी विकर्मों से, पाप कर्मों से रक्षा करता है। इस पावन अवसर पर मुजफ्फरपुर से पधारीं बिहार व झारखंड ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र संचालिका राजयोगिनी रानी दीदी ने भाई-बहन के पवित्र प्रेम का यादगार पर्व रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह महान पर्व हमें हमारे वास्तविक पवित्र आत्मिक स्वरूप की स्मृति दिलाता है। इस स्मृति के आधार से हमारे जीवन में विकारों रूपी अशुद्धि समाप्त होती जाती है और हमारा जीवन प्रेम, शान्ति, खुशी, आनंद और शक्तियों से भरपूर होता जाता है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से राधेश्याम अग्रवाल, अजीत डोकानिया, डॉ शीलेंद्र, अर्जुन दहलान, कन्हैया सुरेका, महादेव भीमसरिया, शिव शंकर भाई, ओम प्रकाश भाई, चंद्र प्रकाश भाई सहित सैकड़ों भाई-बहन उपस्थित थे।