भाकपा माले ने आजादी, लोकतंत्र, संविधान की रक्षा करने का लिया संकल्प
बेतिया: भाकपा माले ने बेतिया शहीद पार्क में पहुँच कर आजादी की 75वीं सालगिरह के एक सप्ताह पहले 9 अगस्त 2022 के दिन ‘भारत छोड़ो’ आन्दोलन की 80वीं वर्षगांठ पर आजादी, लोकतंत्र, संविधान की रक्षा करने का संकल्प लिया।
भाकपा माले नेता सुनील कुमार राव ने कहा कि ‘भारत छोड़ो’ आन्दोलन तथा बरतानवी औपनिवेशिक शासकों की अंतिम निकासी के लिए निर्णायक संघर्ष साबित हुआ था। आज मोदी सरकार जिनके पूर्वज न केवल स्वतंत्रता आन्दोलन से अलग रह गए थे, बल्कि जिन्होंने 1857 के स्वतंत्राता युद्ध के बाद विभिन्न चरणों में औपनिवेशिक शासकों के साथ सहयोग भी किया था।आज, गृह मंत्री अमित शाह शेखी बघार रहे हैं कि भाजपा पचास वर्षों तक भारत पर राज करेगी, और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्ढा यह बोल रहे हैं कि भाजपा भारत की एकमात्र पार्टी बन जाएगी ! विपक्ष-शासित सरकारों को अस्थिर किया जा रहा है। भाकपा माले नेता रवींद्र कुमार रवि ने कहा कि आज मोदी सरकार इतिहास को विकृत करने और भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन की शख्सियतों को हड़पने के लिए भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ को एक बड़े मौके के बतौर इस्तेमाल कर रही है। इस सरकार ने आजादी को इसके मूल अर्थ से भी वंचित कर दिया है। हमारे स्वतंत्रता आन्दोलन में आजादी का मतलब सिर्फ औपनिवेशिक शासन से ही नहीं, बल्कि तमाम किस्म के सामाजिक बंधनों और उत्पीड़न से भी आजादी था। ब्रिटिश शासन और विभिन्न रजवाड़ों के अधीन गुलाम लोगों की स्थिति से बाहर निकालकर हम, भारत के लोग, भारत के संविधान को अपनाकर आजाद मुल्क के आजाद नागरिक बन गए हैं। आज भारतीय जनता की ये तमाम आजादियां दांव पर चढ़ गई हैं। सच कहने, न्याय चाहने और अधिकार की मांग करने के लिए नागरिकों को सजा दी जा रही है।