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मोतिहारी का एक ऐसा इलाका… जहां हिंदू परिवार बनाता है मुहर्रम का ताजिया

– 150 साल से इस गांव के हिंदू उठाते है ताजिया, मनाते है मुहर्रम

पकड़ीदयाल। मोतिहारी जिले में एक गांव ऐसा भी है, जहां हिंदू परिवार के लोग पूरी सिद्दत से मुहर्रम का पर्व मानते है। गांव का हर इंसान पूरी इबादत से मुहर्रम में अपने परिवार के साथ ताजियादारी करता है। यह परंपरा पिछले लगभग 150 सालों से गांव में कायम है यहां का मुहर्रम जुलूस हिदू परिवार के लोगों द्वारा पहले निकलवाया जाता है। उसके बाद ही मुस्लिम समुदाय को निकालने की इजाजत दी जाती है, वे पहलाम भी करते हैं। गांव के हिदू परिवारों की बड़ी आबादी रोजा रखती है और पारंपरिक रीति रिवाज के अनुसार ताजिया का जुलूस निकालते हैं। मुहर्रम को लेकर यहां सभी तैयारी पारंपरिक रीति के अनुसार होती है। यहाँ बता दें कि सैकड़ो वर्षो से सांप्रदायिक सौहार्द को रखते हुए गांव के हिंदू परिवार की बड़ी आबादी रोजा रखती है मोहर्रम जुलूस की पुरानी परंपरा पताही प्रखंड क्षेत्र के पदुमकेर गांव में स्थित स्वर्गीय बाबू जगदीश सिंह के पूर्वज से मोहर्रम का जुलूस निकालने की पुरानी परंपरा कायम रही। इसको देखते हुए अंग्रेजी हुकूमत में अंग्रेजों ने गद्दी वालों के रूप में इनके परिवार के नामों का ताजिया जुलूस अखाड़ा के नाम से लाइसेंस निर्गत कर दिया था। ग्रामीण वीरेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, संतोष सिंह, रामबाबू सिंह ,शिव शंकर सिंह सहित अन्य लोगों ने बताया कि पूर्वजों द्वारा शुरू की गई परंपरा दोनों समुदाय की एकता की मिसाल है आज भी उसी रूप में कायम है।

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