आजादी के अमृत महोत्सव पर केंद्र सरकार ने शुरू की थी योजना, अफसरों को टीकाकरण में तेजी लाने दिए निर्देश
बिलासपुर: बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर जरूरी है बूस्टर डोज।आजादी के अमृत महोत्सव पर केंद्र सरकार ने मुफ्त टीकाकरण की योजना को 30 सितंबर के बाद बंद करने का फैसला लिया है। ऐसे में कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। तय समय के बाद टीके का बुस्टर डोज लगवाने पर लोगों को फिर से शुल्क देना पड़ेगा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बूस्टर डोज लगाना जरूरी हो गया है। इसके बाद भी लोग इसमें रूचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग को जिले में टीकाकरण महा अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं।कमिश्नर डॉ संजय अलंग ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की बैठक ली। इसमें बूस्टर टीकाकरण की धीमी गति पर उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के बूस्टर डोज लगवाएं, ताकि आमजनों को भी इसके लिए जागरूक किया जा सके। उन्होंने सभी दफ्तरों के अफसरों को बूस्टर डोज लगवाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।बैठक में टीकाकरण को लेकर कमिश्नर ने की समीक्षा।30 सितंबर के बाद बंद हो जाएगी योजनाकमिश्नर डॉ. अलंग ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को बताया कि केंद्र सरकार ने आजादी के अमृत महोत्सव पर मुफ्त टीकाकरण (बूस्टर डोज) शुरू किया है, जिसे 30 सितंबर के बाद बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद जो भी बूस्टर डोज लगवाएंगे, उन्हें निजी अस्पताल में शुल्क देकर बूस्टर डोज लगवाना होगा। ऐसे में उन्होंने योजना बंद होने के पहले शत-प्रतिशत टीका लगाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। ताकि, वर्तमान में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण से रोकथाम किया जा सके।जिले में चलाएं महा टीकाकरण अभियानबैठक में कमिश्नर डॉ. अलंग ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को मुफ्त बूस्टर डोज लगवाने के लिए महा अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विभाग के अधिकारियों को लक्ष्य निर्धारित कर सभी सरकारी और निजी संस्थाओं के साथ ही गली-मोहल्लों में अभियान चलाकर टीकाकरण में तेजी लाने के लिए कहा है। ताकि, योजना बंद होने से पहले अधिक से अधिक लोगों को बूस्टर डोज लग जाए।
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