4 फीट भरे नाले से होकर निकली शव यात्रा, सालों से लोग पुल बनवाने की मांग कर रहे है
मंदसौर: मंदसौर में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जिले के ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं की पोल खोलकर रख दी है। जिले में आज भी कई गांव ऐसे हैं, जहां बारिश के दौरान लोगों को अंतिम संस्कार करने जैसे नितांत जरूरी कामों में भी जान जोखिम में डालना पड़ती है।आज ऐसा ही एक नजारा जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर बसे ग्राम अरनिया निजामुद्दीन में देखने को मिला। यहां सोमली नदी में मिलने वाले एक नाले पर पुल नहीं होने की वजह से गांव के बुजुर्ग को समय पर इलाज नहीं मिल पाया। इलाज के अभाव में बुजुर्ग की मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीण उफनाते नाले से पानी उतरने का इंतजार करते रहे। आखिरकार लोगों को उफनते नाले के बीच ही मृतक की शव यात्रा श्मशान घाट तक ले जाना पड़ी।जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर बसे इस गांव में आज दोपहर के वक्त बुजुर्ग प्रभु लाल मालवीय की मौत हो गई थी। अंतिम संस्कार के लिए लोग गांव और श्मशान घाट के बीच बने नाले में आ रही बाढ़ के उतरने का 3 घंटे तक इंतजार करते रहे।लेकिन शाम तक भी नाला नहीं उतरा।लिहाजा लोगों को मजबूरन 4-4 फीट गहरे पानी में उतर कर मृतक की शव यात्रा को श्मशान घाट तक ले जाना पड़ा। इस मामले में गांव के लोगों ने पहले भी प्रशासन का ध्यान आकर्षण करने की बात कही है। उधर, मंदसौर तहसीलदार मुकेश सोनी को मामले से अवगत करवाने के बाद उन्होंने गांव का दौरा कर नाले पर पुल बनवाने की बात का आश्वासन दिया है।
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