अमरोहा में 2015 में हुई थी नियुक्ति, बेहतर प्रदर्शन करते हुए बदल दी स्कूल की तस्वीर
अमरोहा: उत्तर प्रदेश राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए अमरोहा से हेमा तिवारी को चुना गया है। हेमा वर्ष 2015 से प्राथमिक विद्यालय अम्हेड़ा विकासखंड जोया में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उनको यह सम्मान छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने और विद्यार्थियों का मंडल स्तर पर योग समेत तमाम प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के अलावा विद्यालय के सुंदरीकरण के लिए किए गए कार्यों की वजह से मिला है। को हेमा तिवारी ने बताया कि अप्रैल 2015 में उनकी नियुक्ति अम्हेड़ा प्राथमिक विद्यालय में हुई थी। जहां छात्रों का नामांकन 102 था। लेकिन पढ़ने के लिए विद्यार्थी 25 या 30 ही आते थे। अम्हेड़ा गांव एक वर्ग बाहुल्य है। बच्चों और अभिभावकों की धारणा को बदला आसान नहीं था।शिक्षिका हेमा तिवारी बच्चों के साथ लोगों को भी जागरूक करती हैं।शिक्षिका ने गांव में लगाई चौपालहेमा तिवारी ने गांव में चौपाल लगाईं और प्रार्थना सभा आयोजित की गईं। लोगों के बीच पहुंचकर उन्हें शिक्षा का महत्व बताया। नुक्कड़ नाटक आयोजित किए। बच्चों के अभिभावकों की प्रतियोगिताएं आयोजित कराई। अभिभावकों की धारणा बदलने के लिए एसडीएम समेत अन्य अधिकारियों को स्कूल में बुलाकर उनके द्वारा कार्यक्रम आयोजित कराए। स्कूल को अभिभावों से जोड़ा। जिसका परिणाम है कि आज स्कूल में 168 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। नियमित रूप से उपस्थिति भी 95 फीसदी रहती है।स्कूल में जितने भी कार्यक्रम किए जाते हैं। उनमें हेमा तिवारी का अहम योगदान रहता है।2020 में मुरादाबाद के लिए हो गया था तबादलाविद्यालय में ड्रॉप आउट स्तर भी लगभग शून्य हो गया है। हेमा तिवारी मूलरूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ की रहने वाली हैं। वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ मुरादाबाद के बुद्धि विहार में रहती हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि उनका 2020 में शासनादेश के चलते मुरादाबाद के लिए तबादला हो गया था।जब गांव वालों को उनके अंतर्जनपदीय तबादला होने का पता चला तो तमाम बच्चों के अभिभावक स्कूल पहुंचे। उनसे मिलकर स्कूल से न जाने की बात कही। जहां गांव वालों ने बच्चो के भविष्य समेत तमाम बातें उनसे कहीं तो उनका मन भावुक हो उठा। उन्होंने गांव वालों की जिद के आगे स्थानांतरण पर न जाने की बात कही।शिक्षा के साथ गांव वालों को करती हैं जागरूकजिसके बाद से आज तक वह गांव के बच्चों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ समाजिक शिक्षा और गांव वालों को जागरूक कर रहीं है। साथ ही समय-समय पर गांव वालों को स्कूल में बुलाकर कार्यक्रम भी आयोजित करा रहीं है।राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षिका हेमा तिवारी ने बताया कि जनपद के सोलह आवेदन हुए थे। जबकि 11 शिक्षकों का चयन हुआ था।हेमा तिवारी ने स्कूल के टाइम टेबल को बखूबी लिखवाया है। जहां स्कूल से संबंधित जानकारी दी गई है।11 शिक्षकों का भेजा गया था नामडीएम की अध्यक्षता वाली टीम ने ग्यारह शिक्षिकों के नाम शासन को भेजे थे। जिसमें वह जिले के अकेली शिक्षक हैं। जो इस पुरस्कार के नवाजा जाएगा। पुरस्कार के लिए चयनित होने के बाद हेमा तिवारी को शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है। साथ ही शनिवार को उनके स्कूल के स्टाफ और ग्रामीणों ने उन्हें बुके देकर स्वागत किया था।
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