सितम्बर में जलालाबाद में किया था ब्लास्ट, फिर बीकानेर के खारा में करने लगा मजदूरी, पुलिस ने दबोचा
बीकानेर: पंजाब के जलालाबाद में सितम्बर 2021 में बम ब्लास्ट करने के बाद से फरार चल रहे दो लाख रुपए के इनामी एक आरोपी को बीकानेर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पिछले तीन महीने से गुरुचरण सिंह नामक युवक खारा इंडस्ट्रियल एरिया में मजदूर के रूप में काम कर रहा था। पुलिस को इनपुट मिला कि ये किसी बम ब्लास्ट में शामिल था। इसके बाद से पुलिस अधीक्षक की विशेष टीम ने उस पर नजर रखनी शुरू कर दी। शुक्रवार शाम उसे खारा से ही गिरफ्तार कर लिया गया। डीएसटी टीम इंचार्ज मनोज शर्मा को ये बड़ी सफलता मिली है।जानकारी के अनुसार 15 सितंबर 21 को पंजाब के जलालाबाद में सब्जी मंडी से 100 गज की दूरी पर बम धमाका हुआ था। इस धमाके को सब्जी मंडी में करने की योजना थी। एक बाइक की ईंधन टंकी के नीचे लगे टिफिन बम में जोरदार धमाका हुआ और चालक की जान चली गई। इस मामले की जांच एनआईए कर रही है। इस बीच बीकानेर पुलिस को इस ब्लास्ट में शामिल गुरुचरण सिंह (38) के बीकानेर में होने का इनपुट मिला था। दो-तीन दिन की मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया है। बीकानेर पुलिस अधीक्षक की स्पेशल टीम डीएसटी के इंचार्ज मनोज शर्मा के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। शर्मा ने बताया कि गुरुचरण खुद जलालाबाद के आसपास ही रहने वाला है।कोर्ट में बापर्दा पेश होगापुलिस ने फिलहाल गुरुचरण को बापर्दा रखा है। उसे पहले अदालत में पेश किया जाएगा, फिर ब्लास्ट पीड़ितों के सामाने उसकी परेड करवाई जाएगी। बीकानेर पुलिस इसे पंजाब पुलिस या फिर एनआईए के हवाले कर सकती है। पंजाब पुलिस भी इस मामले में धरपकड़ के लिए बीकानेर आई हुई है। पंजाब पुलिस की रिपोर्ट के बाद ही बीकानेर पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।दो लाख रुपए का इनामबताया जा रहा है कि गुरुचरण पर नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (NIA)ने दो लाख रुपए का इनाम रखा हुआ था। इस मामले में दो आरोपी पहले से गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि गुरुचरण को अब गिरफ्तार किया है।एक की मौत हुई थीजलालाबाद में यह ब्लास्ट पंजाब नेशनल बैंक के पास एक बाइक में हुआ, जिससे बाइक सवार के चिथड़े उड़ गए। हादसे के समय पास से गुजर रहा एक राहगीर गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसे गंभीर हालत में फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में रैफर किया गया था।आतंकी घटना की आशंकाएनआईए को आशंका है कि ये घटना आतंकी घुसपैठ भी हो सकती है। दरअसल, पंजाब में सितम्बर में एक के बाद एक ब्लास्ट की घटनाएं हुई थी। जिसके तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने का संदेह भी जताया गया था। इसी कारण गुरुचरण की गिरफ्तारी को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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