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जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त, किसानों को मिल रही राहत, प्रशासन के दावे की खुली पोल

आजमगढ़: आजमगढ़ जिले में बारिश ने खोली प्रशासन के दावों की पोल, सड़कों पर हुआ जलभराव।आजमगढ़ जिले में विगत 10 घंटे से हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बारिश से जहां आम जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है वहीं किसानों के लिए यह बारिश किसी संजीवनी से कम नहीं है। जिला प्रशासन और नगर पालिका ने भले ही मानसून से पूर्व शहर के नालों और नालियों के साफ-सफाई की बात कही थी। इसके बाद भी न तो नालियां साफ हुई और न नाले यही कारण है कि जब लगातार बारिश हो रही है तो सड़के ही नाले में तब्दील हो गई। और इन जलभराव वाले इलाकों और सड़कों से गुजरने को राहगीर मजबूर हो रहे हैं। जिले के बदरका, पांडेय बाजार, रैदोपुर, डीएवी ऐसे इलाके हैं जहां जलभराव के कारण लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। निश्चित रूप से यह बारिश किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है।आजमगढ़ जिले में तीन दिन से हो रही बारिश से लहलहाती धान की फसल।कृषि वैज्ञानिक बोले फसलों के लिए लाभकारीआजमगढ़ जिले के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रूद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिस तरह से देर रात बारिश हुई यह किसानों के लिए संजीवनी का काम करेगी। कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि धान की फसल के साथ मक्का, अरहर के लिए भी यह काफी लाभदायक साबित होगी। यह धान में फ्लावरिंग का समय है। ऐसे में निश्चित रूप से धान का प्रोडक्शन बढ़ेगा।कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि सरकार के निर्देश पर टीम बनाई गई है जो ब्लाकों में जाकर किसानों की फसलों के नुकसान का आंकलन कर रही है, पर अभी जो आकलन में बात सामने आई उसमें जितने किसानों ने धान की रोपाई की है, उनमें से आठ प्रतिशत किसानों की फसलों को नुकसान होता दिख रहा है। कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि जिस तरह से लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है यह किसानों के लिए लाभकारी है।

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