ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

शिक्षा विभाग और अस्पताल प्रबंधन की भी लापरवाही उजागर;वार्ड बॉय ने रिश्वत लेकर किया कच्चा प्लास्टर

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM): मां सुशीला के साथ छात्र अर्पित।गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के पंडरी गांव स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षक और स्टाफ की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। यहां एक बच्चे का खेलने के दौरान हाथ टूट गया, लेकिन स्कूल ने न तो पेरेंट्स को सूचना दी और न तो उसका इलाज ही करवाया। मामला मरवाही ब्लॉक के पंडरी गांव के प्राथमिक स्कूल का है।मामला 2 नवंबर का है, जो अब जाकर उजागर हुआ है। पांचवीं कक्षा का छात्र अर्पित कैवर्त्य रोजाना की तरह स्कूल गया था। यहां खेल-खेल में एक बच्चे के साथ उसकी लड़ाई हुई और दूसरे बच्चे ने उसे धक्का दे दिया। इससे अर्पित का हाथ टूट गया। बच्चा रोने लगा, इसके बावजूद शिक्षिका ने कई घंटे तक बच्चे की मां सुशीला कैवर्त्य को खबर नहीं दी। बाद में किसी और बच्चे ने अर्पित को घर तक छोड़ दिया। मां जब दोपहर में घर आई, तब जाकर उसे बच्चे ने पूरी बात बताई। खबर मिलने पर बाकी परिजन और ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस को कॉल किया। एंबुलेंस की उपलब्धता नहीं होने पर फिर डायल 112 को खबर की गई।पीड़ित बच्चा अर्पित कैवर्त्य।डायल 112 की टीम बच्चे को लेकर मरवाही अस्पताल पहुंची। यहां पहुंचते-पहुंचे शाम के 4 बज गए, लेकिन वहां भी कोई व्यवस्था नहीं थी। बच्चे की मां उसे लेकर एक्स-रे कराने के लिए निजी अस्पताल में भटकती रही। यहां भी कोई व्यवस्था नहीं होने पर वे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरवाही में आ गए और रातभर वहीं रहे। इस बीच बच्चा दर्द से तड़पता रहा। दूसरे दिन सुबह जैसे-तैसे व्यवस्था करके परिजन और पड़ोसी बच्चे को लेकर जिला अस्पताल गौरेला पहुंचते हैं।पीड़ित बच्चे का नहीं हो सका पक्का प्लास्टर।गौरेला में भी परेशानियों का सामना करते हुए एक्स-रे हुआ, लेकिन फिर प्लास्टर के लिए मां को दर-दर भटकना पड़ा और बाद में वार्ड बॉय ने 300 रुपए रिश्वत लेकर कच्चा प्लास्टर किया। इसके बाद उसने ये कहकर मां-बेटे को भेज दिया कि एक हफ्ते के बाद 1000 रुपए लेकर आना, तब पक्का प्लास्टर होगा। मां अपने इकलौते बेटे को लेकर दर-दर भटक रही थी, लेकिन आखिरकार शनिवार को 3 दिन बीत जाने के बाद भी अर्पित के हाथ में पक्का प्लास्टर नहीं हो सका है।बच्चे के टूटे हुए हाथ का एक्स-रे।इधर शिक्षा विकास खंड शिक्षा अधिकारी को पता लगने पर उन्होंने मरवाही बीएमओ के भरोसे बच्चे को मरवाही अस्पताल तक भिजवाकर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। इस बारे में मरवाही के बीईओ केआर दयाल ने जब मीडियाकर्मियों ने सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि छात्र अर्पित केवट के हाथ टूटने की जानकारी मुझे हुई थी और मैंने विभाग के एक शिक्षक के साथ उसे मरवाही अस्पताल में भर्ती कराया था और मरवाही के बीएमओ डॉ हर्षवर्धन से इस संदर्भ में बात भी हुई थी।बच्चे की मां होती रही परेशान।उन्होंने कहा कि एक्स-रे करने वाला उस समय हॉस्पिटल में नहीं था, लिहाजा बीएमओ ने निजी लैब में एक्स-रे कराने के लिए कहा था, लेकिन बाद में बीएमओ ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में भेजे जाने की जानकारी दी। BEO केआर दयाल ने इसके बाद की जानकारी नहीं होने की बात कही। बता दें कि बच्चे अर्पित कैवर्त्य के पिता की मौत हो चुकी है। घर में वो और उसकी मां सुशीला कैवर्त्य रहते हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.