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दोषी करार अभियुक्तों को पाँच वर्ष सश्रम कारावास , न्यायालय ने सुनाया फैसला

जहानाबाद । अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जावेद अहमद खान की अदालत ने मारपीट करने वाले नामजद चार आरोपित सुरेंद्र उर्फ़ जेलर, मृतुन्जय कुमार, दीपक कुमार, कुंदन कुमार,को भारतीय दंड विधि की धारा 307 के तहत दोषी करार करते हुए पाँच वर्ष सश्रम कारावास एवं 2000 रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई है ! इस सम्बन्ध में अपर लोक अभियोजक बिंदुभूषण प्रसाद ने बताया की 11सितम्बर 2014 को बत्तीस भवरिया के निकट घर जा रहे राजू कुमार का रास्ते में मोटरसाइकिल रोककर एकाएक दीपक कुमार, सुरेंद्र उर्फ़ जेलर, साधु कुमार, मृतुन्जय कुमार, कुंदन कुमार सभी अभियुक्त एक साथ टेम्पो से उतरे हाथ में लिए लोहे के रड, लाठी एवं डंडा से मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था और मौके से फरार हो गया था। जख़्मी राजू कुमार के द्वारा सभी अभियुक्त व्यक्तियों के विरुद्ध जहानाबाद थाना में 385 /14 प्राथमिकी दर्ज कराया गया। बताते चले की अभियोजन की ओर से मामले में पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक बिंदुभूषण प्रसाद के द्वारा कुल आठ गवाहों की गवाही कराई गई थी, जहाँ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय जावेद अहमद खान के द्वारा सभी गवाहों के मद्देनजर रखते हुए सभी चारो अभियुक्तों को भारतीय दंड विधि की धारा 307 के तहत दोषी करार करते हुए पाँच वर्ष सश्रम कारावास एवं दीपक कुमार को एडिशनल सजा करते हुए।भारतीय दंड विधि की धारा 379 में तीन वर्ष कारावास,धारा 279 में 6 महीना कारावास की सजा सुनाई है। तो वही इसी मामले में एक और अभियुक्त साधु कुमार न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सका, लिहाजा न्यायालय द्वारा साधु कुमार पर गैरजमानती वारंट निर्गत किया गया है।

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