गर्मी का मौसम शुरु होने से पहले जलापूर्ति की सारी व्यवस्थायें दुरूस्त करें- डीएम
विसी के जरिए की सम्बंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक
आगामी गर्मी के मौसम में जलापूर्ति को सुचारू रूप से संचालित रखने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी, गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के अभियंताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम के पूर्व ही सभी प्रखंडो में जल आपूर्ति से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करें ताकि किसी भी व्यक्ति को जल संकट से जूझना न पड़े।
जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, गया को निर्देश दिया कि प्रखंड के सभी टोलों में चापाकल सर्वेक्षण हेतु प्रपत्र का निर्माण करें, जिसमें प्रखंड, पंचायत, वार्ड संख्या, ग्राम, निकटवर्ती स्थल का नाम तथा किस प्रकार के चापाकल हैं, आदि से संबंधित जानकारियां प्रपत्र में लिखा रहे। साथ ही उक्त प्रपत्र को सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ साझा करते हुए 7 दिनों के अंदर चापाकलों के सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण करावे। उन्होंने महादलित टोला में चापाकलो का सर्वेक्षण विकास मित्र के माध्यम से कराने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि चापाकल का सर्वेक्षण पूरी गुणवत्ता के साथ करवाना सुनिश्चित करें।
कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी द्वारा बताया गया कि गया जिले में लगभग 42,000 चापाकल है, जिनमें 35000 चापाकल का जियो टैग रिपोर्ट प्राप्त है। बताया गया कि डुमरिया, बांकेबाजार, वजीरगंज, इमामगंज एवं मोहड़ा में गर्मी के मौसम में जलस्तर काफी नीचे जाने के कारण पानी की अत्याधिक समस्या सामने आती है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण के पास कुल 54 पानी टैंकर उपलब्ध है, सभी पानी टैंकर चालू अवस्था में है। जिला पदाधिकारी ने अत्याधिक प्रभावित वाले क्षेत्रों में मोटरयुक्त स्टैंड पोस्ट लगवाने का सुझाव दिया ताकि अत्याधिक गर्मी पड़ने पर लोगों को आसानी से पानी मुहैया कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सभी प्रखंडों में खराब चापाकल की मरम्मती का कार्य तेजी से करवाना सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी ने बताया कि गया जिला का औसतन वाटर टेबल 21.81 फिट है।
गया जिला में पेयजल की समस्या से निजात हेतु जिला पदाधिकारी ने कहा कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी आपदा के तर्ज पर विशेष बल देते हुए कार्य करें। उन्होंने कहा कि सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा निर्देश प्राप्त है कि सभी वार्डो का चालू चापाकल, बंद चापाकल या बहुत दिनों से बंद चापाकल (अक्रियाशील) चापाकलो का सर्वेक्षण कार्य शत प्रतिशत किया जाना है। सरकार द्वारा जो भी दिशा निर्देश मिलते हैं, उसका शत-प्रतिशत अनुपालन करें। लापरवाही करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों पर आपदा अधिनियम के सुसंगत धाराओं के तहत करें। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को कहा कि चापाकल सर्वेक्षण के कार्य हेतु आवास सहायक, पीआरएस एवं अन्य कर्मियों को लगाते हुए प्रतिवेदन उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अपने क्षेत्र के प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं कनीय अभियंता के साथ बैठक कर सर्वेक्षण कार्य में प्रगति लावे।
नल जल योजना के समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि अपने प्रखंड में तकनीकी सहायकों से वार्डवार आईओटी डिवाइस के चालू स्थिति का जांच करवा लें। आईओटी डिवाइस के माध्यम से ही नल जल योजना का सेंट्रलाइज मॉनिटरिंग किया जा सकता है।
उन्होंने कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी को निर्देश दिया कि यदि कहीं स्टार्टर, पानी लीकेज, पाइप खराब इत्यादि छोटे-छोटे समस्याएं सामने मिलती हैं, तो उसे त्वरित निष्पादन करते हुए उक्त वार्डों में पेयजल आपूर्ति करवाना सुनिश्चित करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उप विकास आयुक्त श्री सुमन कुमार, निदेशक डीआरडीए श्री संतोष कुमार, अपर समाहर्ता श्री मनोज कुमार, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।