निंदनीय है बाबू वीर कुंवर सिंह के प्रपौत्र की हुई हत्या, सीबीआई से हो जांच : नवीन सिंह
सासाराम। जिस परिवार के बाबू वीर कुंवर सिंह ने 80 वर्ष की अवस्था में अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ तलवार उठाया उनके प्रपौत्र की पुलिस पिटाई के बाद हुई मौत का मामला निंदनीय ही नहीं सभ्य समाज के माथे पर कलंक का टीका है। इस हत्याकांड में दोषियों को सजा दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा यह कहना है समाजसेवी नवीन कुमार सिंह का। उन्होंने कहा कि जिस तरह से घटना को अंजाम दिया गया है यह सुनियोजित साजिश है जिस युवक की हत्या हुई है उसका परिवार देश के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में लिखा गया है हर वर्ष 23 अप्रैल को बिहार में राजकीय छुट्टी होती है और पूरा देश प्रदेश बाबू वीर कुंवर सिंह की विजय दिवस को मनाता है उसी बाबू वीर कुंवर सिंह के वंशज की सुनियोजित साजिश की तरह हत्या पुलिस के द्वारा कर दी जाती हैं। बाबू वीर कुंवर सिंह जयंती, विजय उत्सव मनाने से क्या उनकी आत्मा की शांति प्रदान होगी। जब तक समाज सुरक्षित नहीं है। बाबू वीर कुंवर सिंह के परपौत्री श्रीमती पुष्पा सिंह जी के बेटे तथा कुंवर अजय प्रताप सिंह के बड़े भाई रोहित सिंह की हत्या पुलिस द्वारा पीट पीट कर दी गयी। सभी दोषियों पर कारवाई हो वरना पूरे बिहार में इस घटना के विरोध में लोग सड़क पर आने को मजबूर होंगी। उन्होंने कहा कि मृतक रोहित सिंह के लिए ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनको अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिवार को इस दुख की घड़ी में इसे सहने की शक्ति प्रदान करें।