उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ लोक आस्था का महापर्व छठ; देश-दुनिया में दिखी इसकी छटा
रामगढ़: उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा संपन्न हो गया है। देश-दुनिया में छठ व्रती ने शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर 36 घंटे का निर्जला उपवास को खत्म किया। इस मौके पर जिले के विभिन्न जगहों में श्रद्धालु सुबह से ही घाटों पर एकत्र हो गए थे। महापर्व में अंतिम दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा होती है। इससे पहले अस्ताचलगामी सूर्य की उपासना की गई थी और शुक्रवार को उदीयमान सूर्य की उपासना की गई है। अपको बताते चलें कि छठ घाटों के 3 बजे से ही व्रतियों के साथ लोगों का पहुंचना जारी था। छठ पूजा करने का उद्देश्य जीवन में सूर्यदेव की कृपा और छठ मैया का प्रेम-आशीष पाना है। सूर्य की कृपा से आयु और आरोग्य की प्राप्ति होती है तो वहीं छठ मैया के आशीष से इंसान को सुख-शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। छठ अकेली ऐसी पूजा है, जिसमें उगते हुए और अस्त होते हुए सूर्य की पूजा की जाती है। अस्त होता सूरज जहां आपको कालचक्र के बारे में बताता है तो वहीं उगता सूरज नई सोच और ऊर्जा का प्रतीक है और जीवन में आगे बढ़ने के लिए इन दोनों चीजों का होना बहुत ज्यादा जरूरी है। आम से लेकर खास तक सभी ने पूरी श्रद्धा के साथ छठ पूजा की और अपने परिवार की खुशहाली के लिए छठ व्रतियों ने सूर्य भगवान और छठ मैया से प्रार्थना की।