ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

टीईटी शिक्षकों ने टीईटी अस्मिता बचाओ आंदोलन का किया शंखनाद

टीएसएस के प्रदेश वरीय सचिव सह जिलाध्यक्ष डॉ०मनोज कुमार देव के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर किया गया शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सौपा गया।
13 अप्रैल शुक्रवार को गर्दनीबाग, पटना में होगी महाधरना का आयोजन।
शिक्षा विभाग बिहार सरकार बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से 40,506 पदों पर प्रधान शिक्षक नामक पद का सृजन करते हुए बहाली करने जा रही है जो टीईटी शिक्षकों के लिहाज से सरासर विरोधी है। यह नियमावली शिक्षकों के भविष्य का कब्र खोदने वाला है। इसीलिए बिहार के टीईटी शिक्षकों ने टीईटी शिक्षक संघर्ष समिति के बैनर तले एकजुट होकर टीईटी अस्मिता बचाओ आंदोलन का शंखनाद किया है। बिहार के टीईटी शिक्षकों का कहना है कि एनसीईआरटी प्रावधानों का सरकार मख़ौल उड़ा रही है। शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद हिंदुस्तान में बिना टीईटी पास शिक्षकों की बहाली संभव नहीं है तो प्रधान शिक्षक की बहाली बिना टीईटी के कैसे संभव है।
इस आंदोलन की मुख्य माँगे
शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार किसी भी राज्य में नई शिक्षक नियुक्ति में टीईटी पास होना अनिवार्य है,जबकि इस प्रधान शिक्षक नियुक्ति में 2012 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए सरकार ने tet की जगह दक्षता परीक्षा को समतुल्य माना है,जो गलत है ।दक्षताऔर tet में समानता ही नहीं है ।एनसीटीई ने टीईटी परीक्षा के समतुल्य किसी भी परीक्षा को मान्यता नहीं प्रदान किया है।सेवा शर्त नियमावली 2012 संशोधित नियमावली- 2020 के कंडिका (5)के खंड, मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद अभी भी जीवित हैं। नियमानुसार जिसपर स्नातक ग्रेड के 100%शिक्षकों से प्रमोशन द्वारा भरा जाना तय है। किंतु सरकार प्रधान शिक्षक का शिगूफा लाकर साजीशन प्रधानाध्यापक के पद को मृत घोषित करने के लिए टेट शिक्षकों के साथ छल कर रही है। जो कि टीईटी शिक्षकों के साथ घोर अन्याय है। सबसे पहले नियमानुसार सभी टीईटी शिक्षकों को स्नातक ग्रेड के शिक्षकों को प्रधानाध्यापक पद पर और बेसिक tet शिक्षकों को स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति देना आवश्यक है।इसके बाद ही प्रधान शिक्षक की खुली बहाली सिर्फ बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत अनुभव की बाध्यता को 8वर्ष को शिथिल करके करनी होगी ताकि बिहार के शिक्षकों के साथ न्याय किया जा सके।
11 अप्रैल को स्थानीय जनप्रतिनिधियों का घेराबन्दी करेंगे और 13अप्रैल को गर्दनीबाग में महाधरना का आयोजन किया जाएगा।
इस मौके पर टीईटी जिलाध्यक्ष सह प्रदेश वरीय सचिव डॉ०मनोज कुमार देव, जिला महासचिव शिवकिशोर यादव,जिला कोषाध्यक्षा श्रीमती अनुपमा गुप्ता,जिला सचिव दीपक रजक कार्यकारी सदस्य संजीव ठाकुर मनिहारी प्रखंडअध्यक्ष अनिल कुमार पासवान,मनिहारी प्रखंड संयोजक विकास कुमार यादव,मो०सलाउद्दीन,सचिदानंद कुमार के अलावे अन्य बहुसंख्यक शिक्षक मोके पर मौजूद थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.