पीएम, राष्ट्रपति से फरियाद करने ओडिसा से दिल्ली जा रहा युवक पहुंचा आज पहुंचा रोहतास
45° तापमान में हाथों में तिरंगा लिए पैदल दिल्ली तक की यात्रा है जोखिम भरा कार्य
सासाराम। रोहतास से हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए और कंधे पर शव का प्रतीकात्मक पुतला लिए युवक मुक्ति कांत विश्वाल हैं। जो ओडिसा के राउरकेला से पैदल चलते हुए दिल्ली के लिए निकले हैं। आज गुरुवार को बिहार के रोहतास से गुजरे। तपती धूप, गर्मी के बीच वह इस उम्मीद के साथ दिल्ली के लिए निकले हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद उसकी फरियाद सुन लेंगे। दरअसल बात यह है कि इसके शहर राउरकेला में 156 बेड का करीब 214 करोड़ के लागत से बनकर जनरल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तैयार है। गत वर्ष 21 मार्च 2021 को राष्ट्रपति ने इसका उद्घाटन भी कर दिया है। लेकिन आज तक इलाज आरंभ नहीं हो सका। इस अस्पताल में इलाज आरंभ कराने के लिए ध्यान आकृष्ट करने हेतु मुक्ति लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रतीक कंथा पर शव के साथ तिरंगा लिए निकला है। 200 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल राउरकेला के दो सौ बेड वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण पर लगभग 285 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस अस्पताल में सर्विस ब्लॉक, रसोई, मेडिकल स्टोर, प्रशासनिक कार्यालय, कर्मचारी व संकाय कमरे हैं। एक सभागार व शैक्षणिक ब्लॉक भी है। इसके अलावा न्यूरोलॉजिकल रोग, न्यूरो सर्जरी, यकृत रोग, नेफ्रोलॉजी, हृदय रोग, कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी, एंडोस्कोपी, प्राइवेट वार्ड, 3 टेलसा एमआरआइ, सीटी स्कैन, लैब व सीआरआरटी मशीन समेत पांच अत्याधुनिक ऑपरेटिग थिएटर हैं। परंतु इस विशाल आधारभूत संरचना के बावजूद यह अस्पताल संचालित नहीं किया जा रहा है, जिससे मरीजों को इसका लाभ नहीं हो रहा है। ऐसे में राउरकेला सहित आसपास के कई इलाकों के मरीज इलाज के अभाव में असमय ही मौत के गाल में समा जा रहे हैं। इसी अस्पताल को शुरू कराने के महान उद्देश्य से उक्त युवक 1350 किमी की दूरी तय कर पीएम और राष्ट्रपति का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए निकला है।