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पर्यावरण दिवस पर बच्चों ने किया शानदार प्रदर्शन।।

जून 2022 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ज्ञानंजलि संस्कार अकेडमी भोदसा सारण बिहार के प्रांगण में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण जागरूकता हेतु शानदार कार्यक्रम आयोजित किया।एक नाटिका के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण जैसे गंभीर विषय को दर्शकों के बीच रखने का यह अंदाज निराला था।वायू प्रदूषण जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण तथा मृदा प्रदूषण के साथ वैचारिक प्रदूषण का मानवीकरण कर पात्रों के माध्यम से नाटिका का मंचन किया गया। इस अवशर पर डिवाइन क्रिएसन ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं ज्ञानंजलि संस्कार अकेडमी के निदेशक श्री विजय कुमार पांडेय ने उपस्थित समुदाय से अनुरोध किया कि हमे पर्यावरण संकट को गंभीरता से लेना चाहिए।पर्यावरण असंतुलन के कारण अब जलवायु परिवर्तन का खतरा सामने उपस्थित होने लगा है।हमने प्रकृति को अपने छुद्र वासना तृष्णा,एवं अहंता के वशीभूत होकर निर्दयता पूर्वक दोहन एवं दुरुपयोग किया है।भयंकर प्रदूषण के कारण प्राकृतिक आपदाओं को आमंत्रण भेज है।इसके पीछे हमारी उपभोक्ता वादी चिंतन शैली तथा जीवन जीने का तरीका जिम्मेवार रहा है।भारतीय देव संस्कृति ने विश्व शांति एवं पर्यावरण संतुलन के व्यवहारिक स्वरूप को शान्ति मंत्र में दरसा कर एक दिव्य जीवन शैली प्रदान किया था,जिसमे द्यौ लोक,अंतरिक्ष,आकाश, पृथ्वी, जल वनस्पतियों औषधीयो में शांति के साथ पूरे ब्रह्मांड के शान्ति और संतुलन की कामना ही नही वल्कि ब्यवहारिक एवं प्रायोगिक धरातल पर इसकी वैज्ञानिकता को प्रमाणित किया है।परंतु उपभोक्ता वादी संस्कृति की आग में झुलस कर हमने स्वयं अपने पांव में कुल्हाड़ी मारा है।अब तो धरतीमाता की नसों में,वायुमंडल के फेफड़ों में हमने जहर भर दिया है। विकाश के नाम पर विनाश को आमंत्रण भेज दिया है।राम रसायन की जगह रावण रसायन को प्राथमिकता देकर मानवता को बारुद के ढेर पर मौत का इंतजार करने को छोड़ दिया है।पर्यावरण संरक्षण के नाम पर गोष्ठियों सेमिनार का आयोजन तो कर लेते है लेकिन धरातल पर योजनाओं के क्रियान्वयन में हैम सरकारी तंत्र के भरोसे बैठे राह जाते है। पर्यावरण संरक्षन को एक सामाजिक वैयक्तिक, तथा धार्मिक ही नही आध्यात्मिक दायित्व समझना होगा।गाँव गावँ बृक्षारोपण अभियान के साथ जैविक कृषि को प्रधानता देनी होगी।प्लास्टिक पोडक्ट जिनका रिसायकिल न हो सके उनका उत्पादन एवं उपयोग बंद होना चाहिए। इस अवसर पर बच्चों के साथ अभिभावकों ने भी संकल्प लिया कि हमे रात्रि में सोने के पूर्व पूरे दिन के अपने क्रियाकलापो की समीक्षा करनी है कि हमने पर्यावरण को कितना लाभ पहुचाया या कितनी हानि पहुँचाई।प्रत्येक सुबह एक नए संकल्प के साथ दिन की सुरुवात करेंगे कि मेरा जीवन eco friendly रहेगा।। अभिभावकों में श्री कमलदेव पांडेय जगदीश पांडेय, गुड्डू पांडेय प्रदीप पांडेय कमलेश महतो श्रीमती रेशमा देवी श्रीमती मंटू सिंह ,गुड़िया श्रीवास्तव,श्री सुरेश पांडेय ददन पांडेय ,श्रीराम राय की उपस्थिति सराहनीय रही।विद्यालय के बच्चों, सृस्टि,कनक ,सिमरन,अमीषा सोनम,आशिष, लकी,अभय, जिन्होंने नाटिका में सुंदर अभिनय किया।इन्हें श्री जगदीश पांडेय ने पुरस्कृत किया।

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