छत्तीसगढ़ में बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर, रबी के धान समेत सब्जी चौपट,धान खरीदी केंद्रों में भींगा धान

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बेमौसम बारिश के कारण एक बार फिर किसानों को जबरदस्त नुकसान उठना पड़ रहा है। रबी फसल की धान से लेकर दलहन-तिलहन और सब्जी की खेती चौपट हो गई है। जिले में बड़ी संख्या में खरीफ फसल के बाद किसानों ने चना, मटर, तिवरा, सरसों, आलसी की खेती की है।

दूसरी ओर इससे पहले दिवाली के बाद दो से तीन बार अचानक बारिश होने से किसान उबरे नहीं थे। अब जनवरी में बेमौसम बारिश होने के कारण लाखों रुपये का नुकसान हो गया है, जबकि कृषि विभाग उस बारिश का बीमा का राशि भी किसानों को नहीं दिला पाया है। ऐसे में किसानों के पास एक बार फिर दोहरी मुसीबत खड़ी हो गई है।

कृषि वैज्ञानिक ने कहा तिलहन की क्वालिटी पर पड़ेगा असर

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के विभागाध्यक्ष डा. जीके दास का कहना है कि इस बारिश से धान, सब्जी, दलहन-तिलहन की खेती करने वाले किसानों को घाटे का सौदा हुआ है। क्योंकि अब फसल की क्वालिटी में भी असर होगा। इसके अलावा सब्जी, रबी फसल की धान, चना, तिवरा, सरसों, आलसी में किट प्रकोप बढ़ जाएगी। वहीं खरीफ फसल के जो धान खुले में है उसके भी चावल में असर दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अभी दो से तीन सभी जिलों में बारिश के साथ कुछ जगहों पर ओले गिर सकते है।

जानें रायपुर जिले की खेती की स्थिति

तिवरा- 10523

गेंहू – 3180

चना – 1258

मटर – 301

सरसों – 3291

रबी फसल की धान – 301

सब्जी की खेती – 1392

नोट- ये आंकड़ा सभी हेक्टेयर में है।

उद्यानिकी फसल का हुआ है इस साल बीमा

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गेंहू, सरसों और चना की फसल में 368 किसानों ने बीमा कराया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में सब्जी उत्पादक किसान भी बीमा कराया है।

किसानों की मांग- धान खरीदी की तारीख बढ़ाए शासन

किसानों ने बारिश को देखते हुए प्रदेश में धान खरीदी की तारीख बढ़ाने और टोकन तीन के बजाय पांच बार करने की मांग की है। जबकि शासन ने समितियों के माध्यम से 31 जनवरी तक समर्थन मूल्य में धान खरीदी की जा रही है। वहीं लगातार तीसरी बार बेमौसम बारिश होने से जनवरी माह तक धाम खरीदी नहीं हो पाएगा। इसलिए 15 दिन खरीदी की तिथि और बढ़ाई, ताकि किसानों का धान बिक्री हो सके। किसान नेता पारसनाथ साहू ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में धान खरीदी के लिए तीन टोकन दिया जा रहा है। इसमें इसमें कई किसान अपनी बारी के दिन पानी गिरने से धान बेचने से वंचित हो चुका है। मात्र एक टोकन यानी एक अवसर बाकी है। ऐसी स्थिति में तीन के बजाय पांच टोकन मिलना ही चाहिए।

सोसायटियों में फिर भीगा धान, उठाव तेज

बारिश के कारण एक बार फिर जिले के कई सोसायटियों में धान भीग गए है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इस बारिश से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। फिलहाल बारिश को देखते हुए सोसायटियों में नजर बनाए हुए है। डीएमओ शशांक सिंह ने बताया कि रायपुर जिले 137 सोसायटी के माध्यम से अभी तक 43 लाख क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। जबकि उठाव 20 लाख क्विंटल का हो चुका है। वहीं रायपुर जिले के कुल खरीदी में 71 प्रतिशत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले बारिश से जो धान भीगे थे उनका भी उठाव हो चुका है। वहीं कुछ ही सोसासयटियों को छोड़कर सभी में खरीदी चल रही है। इस बारिश अभी तक ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।

नुकसान का किया जा रहा आकलन

बारिश से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जिन किसानों ने बीमा कराया है, उन्हें बीमा की राशि दिलाई जाएगी। फिलहाल दलहन-तिलहन समेत सब्जियों की खेती को नुकसान हुआ है।

-आरके कश्यप, उप संचालक, कृषि

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