चुनाव आयोग और राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा को 19 सितंबर तक देना होगा जवाब
हिसार। फाइल फोटोहरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन की याचिका पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा और भारत निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी करके उनसे 19 सितंबर तक जवाब मांगा है।अजय माकन ने याचिका में कहा था कि उन्हें जीत के लिए 30 वोट चाहिए थे। इसके बाद उनके पक्ष में पड़े 1 वोट को अवैध करार दे दिया गया, जबकि एक वोट निर्दलीय उम्मीदवार को दिया गया, जो कि अवैध था, लेकिन इसे वैध मान लिया गया। उस वोट को वैध मानने के कारण उनके और निर्दलीय उम्मीदवार के वोट 29- 29 हो गए, लेकिन दूसरे भाजपा उम्मीदवार कृष्ण लाल को मिले अतिरिक्त वोट का लाभ निर्दलीय उम्मीदवार को दिया गया। जो कि उसकी हार का कारण बना। अजय माकन ने कार्तिकेय शर्मा के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की है।अजय माकन ने किरण पर लगाया था आरोपअजय माकन ने तोशाम विधायक किरण चौधरी का वोट रद्द होने की बात कही थी। माकन ने कहा कि इस बात की जानकारी पार्टी प्रभारी को भी दी। माकन ने हाईकमान को पूरे मामले से अवगत करवाया। वहीं किरण चौधरी माकन के आरोपों को इंकार कर चुकी है।ये था पूरा मामलाहरियाणा राज्यसभा की 2 सीटों पर 3 उम्मीदवार थे। चुनाव में भाजपा उम्मीदवार कृष्ण पंवार की जीत तय थी, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा और कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन के बीच मुकाबला था। कुलदीप बिश्नोई ने निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन में क्रॉस वोटिंग कर दी, जबकि एक कांग्रेसी विधायक का वोट रद्द हो गया।राज्यसभा चुनाव में 90 विधायक थे। एक वोट का वैल्यू 100 होती है। राज्यसभा चुनाव के फॉर्मूले के अनुसार 1 वोट कांग्रेस का रद्द हो गया। निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने किसी को वोट नहीं दिया। 88 वोट काउंट होने के हिसाब से कृष्ण लाल पंवार को जीत के लिए 29.34 वोट चाहिए थे, लेकिन उन्हें 31 वोट मिले। उनके हिस्से में आए 1.67 वोट निर्दलीय कार्तिकेय शर्मा को चले गए। उन्हें कुल 29 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस का एक वोट रद्द हो जाने से माकन को भी 29 वोट मिले थे। इस हिसाब से पंवार को 2934 वैल्यू, कार्तिकेय को 2966 और माकन को 2900 वैल्यू मिली। जिसके आधार पर पंवार और कार्तिकेय को विजयी घोषित कर दिया गया।
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